गोरखपुर दौरे पर सीएम योगी आदित्यनाथ
Yogi Adityanath ने गोरखपुर दौरे के दौरान अपने काफिले को छोटा कर एक नया संदेश दिया है। शुक्रवार को राप्तीनगर में आयोजित भाजपा महानगर के प्रबुद्ध सम्मेलन और विकास परियोजनाओं के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री केवल पांच गाड़ियों के काफिले के साथ पहुंचे।
प्रधानमंत्री Narendra Modi की ईंधन बचाने और पर्यावरण संरक्षण की अपील के बाद मुख्यमंत्री का यह कदम चर्चा का विषय बन गया है। लोगों ने इसे सादगी और पर्यावरण जागरूकता से जोड़कर देखा।
लंबा-चौड़ा काफिला नहीं, सिर्फ जरूरी वाहन,
आमतौर पर वीआईपी मूवमेंट के दौरान लंबा काफिला देखने को मिलता है, लेकिन इस बार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बेहद सीमित वाहनों के साथ कार्यक्रम स्थल पहुंचे।
राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में इस बदलाव को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि सरकार अब ईंधन बचत और प्रदूषण नियंत्रण को लेकर प्रतीकात्मक संदेश देना चाहती है।
प्रबुद्ध सम्मेलन में शामिल हुए मुख्यमंत्री,
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को गोरखपुर के राप्तीनगर में भाजपा महानगर इकाई द्वारा आयोजित प्रबुद्ध सम्मेलन में शामिल हुए।
इसके बाद उन्होंने शहर में चल रही विभिन्न विकास परियोजनाओं का निरीक्षण भी किया। कार्यक्रमों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनी रही, लेकिन काफिला पहले की तुलना में काफी छोटा दिखाई दिया।
सांसद रवि किशन ने जारी किया जागरूकता वीडियो,
Ravi Kishan ने इलेक्ट्रिक वाहनों और प्रदूषण नियंत्रण को लेकर एक जागरूकता वीडियो भी जारी किया।
वीडियो में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “नो व्हीकल डे” और “पूल कार” अभियान का समर्थन करते हुए
लोगों से इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की अपील की।
साझा कार से पहुंचे सांसद,
रवि किशन ने वीडियो में बताया कि वह Vijay Dubey के साथ एक ही इलेक्ट्रिक गाड़ी से कार्यक्रम में पहुंचे।
उन्होंने कहा कि यदि जनप्रतिनिधि खुद इस तरह के कदम उठाएंगे तो आम जनता भी प्रेरित होगी। उ
उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को आज की सबसे बड़ी जरूरत बताया।
“गोरखपुर का आसमान अब ज्यादा साफ”,
रवि किशन ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के पर्यावरण संरक्षण संबंधी संदेशों का असर अब जमीन पर दिखने लगा है।
उन्होंने दावा किया कि गोरखपुर का आसमान पहले की तुलना में अधिक साफ दिखाई दे रहा है और
लोगों में पर्यावरण को लेकर जागरूकता बढ़ रही है।
जनता से की खास अपील,
रवि किशन ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि जैसे कोरोना काल में
पूरे देश ने एकजुट होकर प्रधानमंत्री के संदेश का पालन किया था, उसी तरह
अब पर्यावरण बचाने के लिए भी लोगों को आगे आना चाहिए।
उन्होंने “नो व्हीकल डे”, “कार पूलिंग” और इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देने की बात कही।
पर्यावरण और ईंधन बचत पर बढ़ता फोकस,
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बड़े नेता और जनप्रतिनिधि इस तरह के
कदम उठाते हैं तो इसका सकारात्मक संदेश समाज में जाता है।
ईंधन की बढ़ती खपत और प्रदूषण को देखते हुए सरकारें अब इलेक्ट्रिक वाहनों और
वैकल्पिक परिवहन को बढ़ावा देने पर जोर दे रही हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीरें,
मुख्यमंत्री योगी के छोटे काफिले की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर
तेजी से वायरल हो रहे हैं। लोग इसे “सादगी वाला संदेश” और “ग्रीन पहल” बता रहे हैं।
फेसबुक, यूट्यूब और एक्स पर लोग इस बदलाव को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
