होर्मुज जलडमरूमध्य में दो बड़ी घटनाओं से मचा हड़कंप
होर्मुज जलडमरूमध्य में एक साथ हुई दो बड़ी घटनाओं ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। एक तरफ भारतीय ध्वज वाला कार्गो जहाज ओमान तट के पास संदिग्ध हमले के बाद समुद्र में डूब गया, वहीं दूसरी ओर एक अन्य जहाज को हथियारबंद लोगों द्वारा कब्जे में लेकर ईरान की दिशा में ले जाए जाने की खबर सामने आई। इन घटनाओं के बाद खाड़ी क्षेत्र में तनाव और ज्यादा बढ़ गया है। दुनिया के कई देश अब इस पूरे घटनाक्रम पर करीबी नजर बनाए हुए हैं।
ओमान तट के पास डूबा भारतीय जहाज
रिपोर्ट्स के मुताबिक भारतीय झंडे वाला एक मालवाहक जहाज ओमान के तट के पास अचानक विस्फोट और आग की चपेट में आ गया। जहाज पर पशुधन लदा हुआ था। आग लगने के बाद जहाज तेजी से समुद्र में डूब गया। राहत की बात यह रही कि चालक दल के सभी सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। ओमान के तटरक्षक बल ने तुरंत बचाव अभियान चलाकर कई लोगों की जान बचाई।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार जहाज पर ड्रोन या मिसाइल जैसे हथियार से हमला होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि अब तक किसी देश या संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। भारत सरकार ने घटना को बेहद गंभीर और अस्वीकार्य बताया है।
दूसरे जहाज को कब्जे में लेकर ईरान की ओर ले जाने का दावा
इसी बीच संयुक्त अरब अमीरात के पास खड़े एक दूसरे जहाज को कुछ हथियारबंद लोगों ने अपने कब्जे में ले लिया। ब्रिटिश समुद्री सुरक्षा एजेंसियों का दावा है कि जहाज को ईरान की ओर ले जाया गया। इस खबर ने पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा चिंताओं को और बढ़ा दिया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण को लेकर लंबे समय से चल रही तनातनी अब खतरनाक मोड़ पर पहुंचती दिखाई दे रही है। ईरान पहले भी कई बार जहाजों को रोकने और कब्जे में लेने के आरोपों का सामना कर चुका है।
क्यों अहम है होर्मुज जलडमरूमध्य?
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्गों में से एक माना जाता है। दुनिया के बड़े हिस्से का कच्चा तेल और गैस इसी रास्ते से होकर गुजरता है। यदि यहां तनाव बढ़ता है तो इसका सीधा असर अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों और वैश्विक व्यापार पर पड़ता है।
भारत, चीन, जापान और यूरोप के कई देश इस समुद्री मार्ग पर काफी हद तक निर्भर हैं। ऐसे में यहां किसी भी प्रकार की सैन्य गतिविधि या जहाजों पर हमला पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय बन जाता है।
#भारत सरकार ने जताई चिंता
भारत सरकार ने घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि
अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। विदेश मंत्रालय ने
स्पष्ट कहा कि व्यापारिक जहाजों पर हमला किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
भारत लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और संबंधित देशों से संपर्क में है।
अमेरिका-ईरान तनाव बना बड़ी वजह
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव
इन घटनाओं की बड़ी वजह हो सकता है। पिछले कुछ महीनों में खाड़ी क्षेत्र में
कई जहाजों पर हमले, ड्रोन अटैक और समुद्री टकराव की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
अमेरिका और उसके सहयोगी देश होर्मुज जलडमरूमध्य में अपनी नौसैनिक गतिविधियां बढ़ा रहे हैं,
जबकि ईरान इस क्षेत्र में अपनी रणनीतिक पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।
तेल बाजार और वैश्विक व्यापार पर असर
इन घटनाओं के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल कीमतों में उछाल देखने को मिला।
समुद्री बीमा कंपनियों ने भी खतरे की चेतावनी जारी कर दी है।
कई अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियां अब वैकल्पिक समुद्री मार्ग तलाशने लगी हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात जल्द सामान्य नहीं हुए तो इसका असर वैश्विक व्यापार,
ऊर्जा आपूर्ति और कई देशों की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
भारतीय जहाज का डूबना और दूसरे जहाज को कब्जे में लेकर ईरान की ओर ले जाने की खबर केवल
दो अलग-अलग घटनाएं नहीं हैं, बल्कि यह पूरे खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव का संकेत हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य में हालात लगातार संवेदनशील होते जा रहे हैं।
आने वाले दिनों में यह संकट वैश्विक राजनीति, व्यापार और तेल बाजार पर बड़ा प्रभाव डाल सकता है।