गोरखपुर में वायरल निमोनिया
मौसम बदलते ही बढ़े वायरल निमोनिया के मरीज,
Gorakhpur में बदलते मौसम के बीच वायरल निमोनिया के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। दिन और रात के तापमान में भारी अंतर के कारण खासकर छोटे बच्चे और बुजुर्ग इसकी चपेट में आ रहे हैं।
डॉक्टरों के मुताबिक सामान्य बुखार और जुकाम से शुरू होने वाली बीमारी दो से तीन दिनों में गंभीर रूप ले रही है। कई मरीजों का ऑक्सीजन लेवल अचानक कम हो रहा है, जिसके चलते उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ रहा है।
एम्स और जिला अस्पतालों में बढ़ी भीड़,
AIIMS Gorakhpur, जिला अस्पताल और निजी अस्पतालों में वायरल निमोनिया और सांस संबंधी बीमारियों के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
डॉक्टरों का कहना है कि कई मरीजों में डेंगू और ब्रोंकियोलाइटिस जैसे लक्षण भी देखने को मिल रहे हैं। खासकर अस्थमा और दमा के मरीज अचानक गंभीर हो रहे हैं।
अस्पतालों में भर्ती कई मरीजों को सांस लेने में तकलीफ होने के कारण ऑक्सीजन सपोर्ट देना पड़ रहा है।
ब्रोंकियोलाइटिस के बढ़ रहे मामले,
एम्स के बाल रोग विशेषज्ञ Dr. Shreyansh के अनुसार इन दिनों ब्रोंकियोलाइटिस के मामले भी तेजी से सामने आ रहे हैं।
ब्रोंकियोलाइटिस श्वसन तंत्र से जुड़ी बीमारी है, जिसमें फेफड़ों की छोटी वायु नलियों यानी ब्रांकियोल्स में सूजन आ जाती है। इससे मरीज को सांस लेने में गंभीर परेशानी होती है।
डॉक्टरों के मुताबिक छोटे बच्चों में यह बीमारी तेजी से फैल रही है और
समय पर इलाज न मिलने पर स्थिति गंभीर हो सकती है।
डेंगू जैसे लक्षण भी आ रहे सामने,
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय कई मरीजों में डेंगू जैसे लक्षण भी दिखाई दे रहे हैं।
हालांकि आमतौर पर नवंबर के अंत तक डेंगू फैलाने वाले मच्छरों का प्रभाव कम हो जाता है,
लेकिन इस बार दिन का तापमान अधिक रहने से मच्छरों का असर बना हुआ है।
बुखार, बदन दर्द, कमजोरी और प्लेटलेट्स गिरने जैसे लक्षण वाले मरीज भी अस्पताल पहुंच रहे हैं।
एक सप्ताह में दिखने लगते हैं लक्षण,
डॉक्टरों के अनुसार वायरल निमोनिया के लक्षण आमतौर पर एक सप्ताह के भीतर दिखाई देने लगते हैं।
इस बीमारी में मरीज को तेज बुखार, लगातार खांसी,
सांस लेने में कठिनाई, सीने में दर्द और जकड़न महसूस होती है।
इसके अलावा थकान, सिरदर्द और मांसपेशियों में दर्द भी आम लक्षण हैं।
श्वास नली और फेफड़ों में संक्रमण बढ़ने पर मरीजों को ऑक्सीजन सपोर्ट की जरूरत पड़ सकती है।
बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी की सलाह,
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बच्चों, बुजुर्गों और पहले से अस्थमा या सांस की
बीमारी से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
डॉक्टरों का कहना है कि मौसम बदलने के दौरान ठंड से बचाव, साफ-सफाई और
समय पर इलाज बेहद जरूरी है। लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
