Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority जल्द ही घर खरीदारों के लिए बड़ी सुविधा शुरू करने जा रहा है। उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण दिसंबर तक RERA 2.0 नाम से नया डिजिटल प्लेटफॉर्म और मोबाइल ऐप लॉन्च करेगा।
इस नई सुविधा के जरिए अब कोई भी व्यक्ति घर या फ्लैट खरीदने से पहले बिल्डर और रियल एस्टेट कंपनी की पूरी जानकारी एक क्लिक में देख सकेगा। इससे घर खरीदने की प्रक्रिया पहले से ज्यादा सुरक्षित, पारदर्शी और आसान बनने की उम्मीद है।
AI और मशीन लर्निंग से लैस होगा नया प्लेटफॉर्म
यूपी रेरा के चेयरमैन Sanjay Bhoosreddy के अनुसार नए प्लेटफॉर्म में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा।
इस तकनीक की मदद से शिकायतों का निस्तारण पहले से ज्यादा तेजी से हो सकेगा। साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वाले बिल्डरों पर भी जल्दी कार्रवाई की जा सकेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल से रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता बढ़ेगी और खरीदारों का भरोसा मजबूत होगा।
एक क्लिक में मिलेगी बिल्डर की पूरी जानकारी
नई सुविधा के तहत खरीदार किसी भी बिल्डर या रियल एस्टेट कंपनी का रिकॉर्ड आसानी से चेक कर सकेंगे।
लोग यह जान सकेंगे कि किसी प्रोजेक्ट के खिलाफ कितनी शिकायतें दर्ज हैं, प्रोजेक्ट समय पर पूरा हुआ या नहीं, बिल्डर का पिछला रिकॉर्ड कैसा रहा और कंपनी की आर्थिक स्थिति क्या है।
इसके अलावा बिल्डर के अनुभव और नियमों के पालन से जुड़ी जानकारी भी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहेगी। इससे घर खरीदने से पहले सही निर्णय लेना आसान हो जाएगा।
प्रोजेक्ट से जुड़ी हर जानकारी होगी ऑनलाइन
RERA 2.0 प्लेटफॉर्म पर प्रोजेक्ट से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
इसमें जमीन का मालिकाना हक, सरकारी मंजूरी, निर्माण की समय सीमा और फंड के इस्तेमाल का पूरा विवरण शामिल होगा। इससे खरीदारों को
बिचौलियों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और उन्हें सीधे प्रमाणिक जानकारी मिल सकेगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि इससे फर्जी प्रोजेक्ट और धोखाधड़ी के मामलों में कमी आ सकती है।
घर खरीदारों को मिलेगी बड़ी राहत
उत्तर प्रदेश में लाखों लोग फ्लैट और घर खरीदते समय बिल्डरों की
देरी और अधूरे प्रोजेक्ट्स की समस्या से जूझते रहे हैं।
कई मामलों में खरीदारों को समय पर कब्जा नहीं मिलता या प्रोजेक्ट बीच में अटक जाते हैं।
ऐसे में RERA 2.0 खरीदारों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकता है।
अब लोग घर खरीदने से पहले पूरी जांच-पड़ताल कर सकेंगे और जोखिम कम होगा।
रियल एस्टेट सेक्टर में बढ़ेगी पारदर्शिता
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम उत्तर प्रदेश के रियल एस्टेट सेक्टर में बड़ा बदलाव ला सकता है।
डिजिटल रिकॉर्ड और AI आधारित निगरानी से बिल्डरों की जवाबदेही बढ़ेगी।
साथ ही नियमों का पालन न करने वाले प्रोजेक्ट्स पर जल्दी कार्रवाई हो सकेगी।
इससे ईमानदार बिल्डरों को फायदा मिलेगा और खरीदारों का विश्वास भी मजबूत होगा।
सोशल मीडिया पर चर्चा में RERA 2.0
UP RERA 2.0 की खबर सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रही है।
लोग इसे घर खरीदारों के लिए बड़ा और जरूरी कदम बता रहे हैं।
कई यूजर्स का कहना है कि अगर यह प्लेटफॉर्म सही तरीके से काम करता है तो
रियल एस्टेट सेक्टर में होने वाली कई समस्याओं का समाधान हो सकता है।
उत्तर प्रदेश में लॉन्च होने जा रहा RERA 2.0 प्लेटफॉर्म घर खरीदारों के लिए बड़ी राहत लेकर आ सकता है।
अब लोग घर खरीदने से पहले बिल्डर का पूरा
रिकॉर्ड और प्रोजेक्ट की जानकारी ऑनलाइन देख सकेंगे। AI और मशीन लर्निंग तकनीक से लैस
यह सिस्टम रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता और भरोसा बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।