गोरखपुर में साइबर ठगों ने
Gorakhpur में साइबर ठगों ने बैंककर्मी बनकर एक युवक को अपने जाल में फंसा लिया और उसके खाते से 82 हजार रुपये से ज्यादा की रकम उड़ा ली। घटना के बाद पीड़ित ने तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। मामले में Uttar Pradesh Police ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि साइबर अपराधी किस तरह लोगों को फर्जी लिंक और बैंक ऑफर के जरिए निशाना बना रहे हैं।
कैसे हुई साइबर ठगी?
जानकारी के अनुसार साकेतनगर लच्छीपुर निवासी सौरभ जालान को 17 अप्रैल को मोबाइल पर एक मैसेज मिला। मैसेज भेजने वाले ने खुद को Axis Bank का कर्मचारी बताया और विशेष स्कीम तथा रिवार्ड पॉइंट रिडीम करने का ऑफर दिया।
मैसेज में एक लिंक भी भेजा गया था। जैसे ही पीड़ित ने उस लिंक पर क्लिक किया, एक वेबसाइट खुली जो बिल्कुल बैंक की आधिकारिक वेबसाइट जैसी दिखाई दे रही थी।
32 रुपये के बहाने खाली कर दिया खाता
ठगों ने पहले क्रेडिट कार्ड रिवार्ड पॉइंट रिडीम करने के नाम पर केवल 32 रुपये का भुगतान करने को कहा। पीड़ित ने जैसे ही भुगतान प्रक्रिया शुरू की, उनके मोबाइल पर OTP आया।
ओटीपी दर्ज करते ही कुछ ही सेकंड में उनके खाते से 82,903 रुपये कट गए। खाते से रकम निकलने का मैसेज आते ही उन्हें ठगी का एहसास हुआ।
पुलिस ने दर्ज किया केस
पीड़ित की शिकायत के आधार पर गोरखनाथ थाना पुलिस ने संबंधित मोबाइल नंबर धारक के खिलाफ आईटी एक्ट समेत अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है।
सीओ गोरखनाथ रवि कुमार सिंह के मुताबिक तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है और जल्द कार्रवाई की जाएगी।
साइबर ठगी से कैसे बचें?
विशेषज्ञों के अनुसार साइबर अपराधी अब बैंक ऑफर, रिवार्ड पॉइंट और KYC अपडेट
जैसे बहानों से लोगों को निशाना बना रहे हैं। ऐसे में कुछ सावधानियां बेहद जरूरी हैं।
ध्यान रखने वाली जरूरी बातें
- किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें
- बैंक कभी फोन या मैसेज पर OTP नहीं मांगता
- फर्जी वेबसाइट की पहचान URL देखकर करें
- किसी भी ऑफर की पुष्टि बैंक की आधिकारिक वेबसाइट से करें
- साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत करें
तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराध
देशभर में ऑनलाइन बैंकिंग और डिजिटल पेमेंट बढ़ने के साथ
साइबर ठगी के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं।
खासकर बैंकिंग फ्रॉड में अपराधी लोगों को
छोटी रकम या रिवार्ड के लालच में फंसाकर बड़े ट्रांजेक्शन कर लेते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि जागरूकता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे बड़ा हथियार है।
सोशल मीडिया पर भी चर्चा
गोरखपुर की इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर भी लोग बैंकिंग सुरक्षा को लेकर चर्चा कर रहे हैं।
कई यूजर्स ने लोगों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध लिंक से बचने की अपील की है।
गोरखपुर में हुई यह साइबर ठगी एक बड़ा चेतावनी संकेत है कि ऑनलाइन बैंकिंग का इस्तेमाल करते
समय छोटी सी लापरवाही भी भारी नुकसान पहुंचा सकती है। पुलिस फिलहाल आरोपियों की तलाश में जुटी है,
लेकिन लोगों को भी डिजिटल सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है।
