जबलपुर के बरगी डैम में हुए दर्दनाक क्रूज बोट हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर नौ हो गई है। शुक्रवार को रेस्क्यू टीम ने तीन और शव बरामद किए, जिससे मृतकों का आंकड़ा बढ़ गया। इस हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है।
43 लोग थे सवार, 28 को बचाया गया
जानकारी के अनुसार, क्रूज बोट में कुल 43 लोग सवार थे। हादसे में अब तक 28 यात्रियों को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि 6 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है।
तेज तूफान बना हादसे की वजह
प्राथमिक जानकारी के मुताबिक, गुरुवार शाम अचानक आए तेज तूफान और तेज हवाओं के कारण डैम में लहरें ऊंची हो गईं। इसी दौरान नाव असंतुलित होकर पलट गई।
यह डैम नर्मदा नदी पर बना हुआ है, जहां मौसम खराब होने पर जलस्तर और लहरें तेजी से बदलती हैं।
रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
सेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें लगातार सर्च ऑपरेशन में जुटी हुई हैं। डूबे हुए क्रूज को बाहर निकालने के लिए हाइड्रोलिक क्रेन का इस्तेमाल किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों ने भी बचाव कार्य में अहम भूमिका निभाई और रस्सियों की मदद से कई यात्रियों को बाहर निकाला।
पीएम और सीएम ने जताया दुख
नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है और मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई है।
वहीं मोहन यादव ने भी शोक व्यक्त करते हुए घटना की जांच के आदेश दिए हैं।
सरकार ने मृतकों और घायलों के परिजनों के लिए मुआवजे की घोषणा भी की है।
जांच के आदेश
राज्य सरकार ने हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं। जांच के बाद यह स्पष्ट किया जाएगा कि
हादसे के पीछे लापरवाही या तकनीकी कारण जिम्मेदार थे या नहीं।
प्रत्यक्षदर्शियों ने क्या बताया
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तेज हवाओं के चलते नाव में सवार लोगों ने
चालक दल से किनारे लौटने की गुहार लगाई थी,
लेकिन शोर और अफरा-तफरी के कारण संदेश चालक तक नहीं पहुंच पाया और नाव पलट गई।
जबलपुर के बरगी डैम में हुआ यह हादसा सुरक्षा व्यवस्था और मौसम पूर्वानुमान पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
रेस्क्यू ऑपरेशन अभी जारी है और उम्मीद है कि जल्द ही लापता लोगों का पता लगाया जा सकेगा।