आगरा के अकोला कस्बे में स्मार्ट मीटरों को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा उग्र हो गया। सैकड़ों लोगों ने अपने घरों से स्मार्ट मीटर उतारकर बिजलीघर में जमा कर दिए और बिजली विभाग के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
क्यों भड़का विरोध
ग्रामीणों का आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद से बिजली बिलों में अनियमितता बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि बिल जरूरत से ज्यादा आ रहे हैं और कई बार बिना स्पष्ट कारण के वसूली की जा रही है।
बार-बार शिकायत करने के बावजूद समाधान न मिलने से लोगों का आक्रोश बढ़ता गया।
सड़कों पर उतरे ग्रामीण
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल रहीं। ग्रामीण पहले देवी मंदिर पर एकत्र हुए और वहां से पैदल मार्च करते हुए बाजार के रास्ते बिजलीघर पहुंचे।
बिजलीघर पहुंचकर उन्होंने स्मार्ट मीटरों का ढेर लगा दिया और नारेबाजी करते हुए विरोध जताया।
किसान यूनियन का समर्थन
इस प्रदर्शन का नेतृत्व भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के स्थानीय पदाधिकारियों ने किया। संगठन ने ग्रामीणों की मांगों का समर्थन करते हुए स्मार्ट मीटर व्यवस्था पर सवाल उठाए।
क्या हैं मुख्य मांगें
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें हैं कि स्मार्ट मीटरों की व्यवस्था को फिलहाल रोका जाए और
बिजली बिलों में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
प्रशासन की चुनौती
यह मामला प्रशासन और बिजली विभाग के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
एक तरफ तकनीकी सुधार की योजना है, तो दूसरी ओर ग्रामीणों का विश्वास बनाए रखना जरूरी है।
आगे क्या
अब उम्मीद की जा रही है कि प्रशासन ग्रामीणों से बातचीत कर समाधान निकालने की कोशिश करेगा।
जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी कि बिलों में गड़बड़ी है या नहीं।
आगरा के अकोला में हुआ यह विरोध दर्शाता है कि किसी भी नई व्यवस्था को लागू करते समय पारदर्शिता और
संवाद बेहद जरूरी है। स्मार्ट मीटर जैसे प्रोजेक्ट तभी सफल होंगे जब लोगों का भरोसा कायम रहेगा।