बाबूराम सावित्री देवी इंटर कॉलेज से
Sitapur के महमूदाबाद क्षेत्र का बाबूराम सावित्री देवी इंटर कॉलेज आज यूपी बोर्ड टॉपर्स की “नर्सरी” बन चुका है। वर्ष 2016 से लगातार इस विद्यालय से हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के टॉपर निकल रहे हैं, जिससे यह स्कूल पूरे प्रदेश में चर्चा का केंद्र बन गया है।
स्कूल की शुरुआत और सफर
विद्यालय की नींव एक छोटे कोचिंग सेंटर से शुरू हुई:
- वर्ष 1981: ओमप्रकाश वर्मा ने “प्रकाश कोचिंग” की शुरुआत की
- वर्ष 2005: इसे मान्यता देकर इंटर कॉलेज बनाया गया
- वर्ष 2014: बाबूराम सावित्री देवी इंटर कॉलेज की स्थापना
यह संस्थान शिक्षा के प्रति समर्पण और निरंतर प्रयास का परिणाम है।
नाम के पीछे की कहानी
विद्यालय का नाम संस्थापक के परिवार से जुड़ा है:
- “बाबूराम” – ओमप्रकाश वर्मा के पिता
- “सावित्री देवी” – उनकी माता
इस तरह यह स्कूल एक पारिवारिक विरासत और शिक्षा मिशन का प्रतीक बन गया।
टॉपर्स की परंपरा
पुष्कर वर्मा के अनुसार:
- 2016-17 से लगातार यूपी बोर्ड में टॉपर्स
- जिला और प्रदेश स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन
- हाईस्कूल और इंटर दोनों में सफलता
यही वजह है कि इस स्कूल को “मेधावियों की नर्सरी” कहा जा रहा है।
सफलता का राज
विद्यालय की उपलब्धियों के पीछे कई कारण हैं:
- मजबूत शैक्षणिक अनुशासन
- शिक्षकों का व्यक्तिगत मार्गदर्शन
- छात्रों पर विशेष ध्यान
- नियमित अभ्यास और टेस्ट सिस्टम
छात्रों के लिए प्रेरणा
यह स्कूल उन छात्रों के लिए प्रेरणा बन गया है जो छोटे शहरों से बड़े सपने देखते हैं। यह साबित करता है कि सीमित संसाधनों के बावजूद भी बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है।
Sitapur का बाबूराम सावित्री देवी इंटर कॉलेज आज शिक्षा के क्षेत्र में एक मिसाल बन चुका है। लगातार टॉपर्स देने की परंपरा ने इसे प्रदेश के प्रमुख विद्यालयों में शामिल कर दिया है।
