यूपी में अवैध धर्मांतरण मामले में
उत्तर प्रदेश में अवैध धर्मांतरण से जुड़े एक बड़े मामले में जांच एजेंसियों ने शिकंजा कस दिया है। आरोपी जमालुद्दीन उर्फ छांगुर के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन और विदेशी बैंक खातों की जांच अब तेज कर दी गई है। Uttar Pradesh Anti Terrorism Squad इस मामले में लगातार नए पहलुओं की जांच कर रही है।
सीरिया कनेक्शन बना जांच का केंद्र
जांच एजेंसियों के अनुसार छांगुर के करीबी नवीन रोहरा का संबंध एक शिपिंग कंपनी से जुड़ा हुआ था, जिसका मालिक सीरिया से बताया जा रहा है। यह कंपनी कथित तौर पर एक मुखौटा थी, जिसके जरिए विदेशी फंडिंग का नेटवर्क संचालित किया जा रहा था। एजेंसियां अब इस कनेक्शन की गहराई से जांच कर रही हैं ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सके।
स्विस बैंक खातों पर नजर
जांच में यह भी सामने आया है कि नवीन रोहरा के कई स्विस बैंक खातों का पता चला है, जिनमें करोड़ों रुपये ट्रांसफर किए गए। यह रकम विभिन्न खातों के जरिए घुमाकर विदेशी बैंकों में भेजी गई और फिर भारत लाकर जमीनों में निवेश की गई। इस पूरे लेन-देन की जांच अभी जारी है।
करोड़ों की संपत्ति और संदिग्ध लेन-देन
प्रवर्तन निदेशालय यानी Enforcement Directorate ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए नवीन रोहरा की पत्नी की करीब 13 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की है। जांच में यह भी सामने आया कि दुबई स्थित एक कंपनी के जरिए बड़ी मात्रा में धन भारत लाया गया, जिसका इस्तेमाल जमीन खरीदने में किया गया।
100 करोड़ से ज्यादा की फंडिंग के संकेत
जांच एजेंसियों को इस मामले में 100 करोड़ रुपये से अधिक की संदिग्ध फंडिंग के संकेत मिले हैं।
यह रकम अलग-अलग माध्यमों से ट्रांसफर की गई और कथित तौर पर अवैध गतिविधियों में
इस्तेमाल की गई। इस बड़े आर्थिक नेटवर्क का खुलासा होना अभी बाकी है।
विदेशी संगठनों की भूमिका की आशंका
जांच में यह भी संभावना जताई जा रही है कि कुछ विदेशी
संगठनों की भूमिका इस पूरे मामले में हो सकती है।
खासकर नेपाल सीमा के आसपास गतिविधियों को देखते हुए एजेंसियां इस एंगल से भी जांच कर रही हैं।
हालांकि अभी तक कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
जांच अभी जारी
Uttar Pradesh Anti Terrorism Squad और अन्य एजेंसियां इस मामले के हर पहलू की गहराई से जांच कर रही हैं।
सीरिया कनेक्शन, स्विस बैंक खाते और विदेशी फंडिंग जैसे कई अहम बिंदुओं पर
अभी काम बाकी है। आने वाले समय में इस केस में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति तक सीमित नहीं बल्कि एक बड़े नेटवर्क की ओर इशारा करता है।
यदि जांच में सभी तथ्य सामने आते हैं, तो यह देश में
अवैध गतिविधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई साबित हो सकती है।
फिलहाल एजेंसियां सतर्क हैं और हर पहलू को बारीकी से खंगाल रही हैं।
