मथुरा नाव हादसा देवराहा बाबा आश्रम के पास मिला एक और शव मृतकों की संख्या 11

उत्तर प्रदेश के मथुरा और वृंदावन में यमुना नदी में हुए भीषण नाव हादसे ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया है। यमुना नदी में मोटरबोट पलटने के बाद बचाव अभियान के दौरान देवराहा बाबा आश्रम के पास एक और शव मिलने से मृतकों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है

कैसे हुआ हादसा

यह दर्दनाक हादसा केसीघाट और बंशीवट के बीच हुआ जहां 37 श्रद्धालुओं से भरी मोटरबोट अचानक पांटून पुल से टकराकर पलट गई

बताया जा रहा है कि नाव में सवार श्रद्धालु पंजाब के लुधियाना, हिसार, मुक्तसर और जगरांव से आए थे और यमुना नदी की सैर कर रहे थे

दोपहर के समय अचानक नाव का संतुलन बिगड़ा और वह पुल से टकरा गई जिससे नाव पलट गई और कई लोग गहरे पानी में डूबने लगे

राहत और बचाव कार्य जारी

घटना की सूचना मिलते ही NDRF, पुलिस, पीएसी गोताखोर और SDRF की टीमें मौके पर पहुंच गईं

बचाव अभियान युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है
अब तक लगभग 15 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है
घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है
लापता लोगों की तलाश लगातार जारी है

यमुना नदी के अलग अलग हिस्सों में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है

ताकि सभी लापता लोगों का पता लगाया जा सके

हादसे की वजह क्या रही

प्राथमिक जानकारी के अनुसार यह हादसा पांटून पुल को लापरवाही से हटाए जाने के दौरान हुआ

जिससे मोटरबोट उसकी चपेट में आ गई

हालांकि प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं और

हादसे के सही कारणों का पता लगाया जा रहा है

श्रद्धालुओं का था बड़ा दल

बताया जा रहा है कि कुल 130 श्रद्धालु दो बसों में वृंदावन पहुंचे थे

जिनमें से 37 लोग इस मोटरबोट पर सवार थे

अधिकांश यात्री पंजाब के विभिन्न शहरों से आए थे और धार्मिक यात्रा पर थे

इलाके में शोक और दहशत

इस हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है
मृतकों के परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है
स्थानीय लोग भी इस घटना से स्तब्ध हैं

धार्मिक स्थल होने के कारण यहां रोज बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं

ऐसे में यह हादसा और भी गंभीर बन जाता है

प्रशासन की कार्रवाई

प्रशासन ने राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं और हादसे की जांच शुरू कर दी गई है

साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा

मानकों को सख्ती से लागू करने की बात कही गई है

मथुरा वृंदावन का यह नाव हादसा बेहद दुखद और चिंताजनक है
यह घटना एक बार फिर बताती है कि सुरक्षा नियमों की अनदेखी कितनी भारी पड़ सकती है

जरूरत है कि प्रशासन सख्ती से नियम लागू करे ताकि भविष्य में

ऐसी घटनाएं दोबारा न हों और लोगों की जान सुरक्षित रह सके