गोरखपुर में RSS
गोरखपुर में युवा संवाद कार्यक्रम में जुटे 500 युवा
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में आयोजित एक भव्य युवा संवाद कार्यक्रम में करीब 500 युवाओं ने भाग लिया। “राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका” विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सह सरकार्यवाह अतुल लिमये ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि भारत का भविष्य युवाओं के विचार, संस्कार और कर्म पर निर्भर करता है।
यह कार्यक्रम गोरखपुर क्लब में RSS के महानगर दक्षिण भाग की ओर से आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में युवाओं की भारी भागीदारी ने यह स्पष्ट कर दिया कि देश के युवा राष्ट्र निर्माण के प्रति जागरूक और उत्साहित हैं।
दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता के चित्र पर दीप प्रज्वलन और पुष्पांजलि अर्पित करके की गई। इस अवसर पर गोरक्ष प्रांत संघचालक डॉ. महेंद्र अग्रवाल और दिग्विजयनाथ पीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. ओम प्रकाश सिंह भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का माहौल देशभक्ति और प्रेरणा से ओत-प्रोत रहा, जहां युवाओं को राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों को समझने का अवसर मिला।
युवा ही राष्ट्र की असली पूंजी – अतुल लिमये
अपने संबोधन में अतुल लिमये ने कहा कि युवा शक्ति ही किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत होती है। उन्होंने कहा कि जिस देश का युवा जागरूक, संस्कारित और संगठित होता है, वह देश स्वतः ही विकास के उच्च शिखर पर पहुंचता है।
उन्होंने युवाओं को संदेश दिया कि वे केवल अपने व्यक्तिगत विकास तक सीमित न रहें, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए भी आगे आएं। राष्ट्र निर्माण में चरित्र निर्माण, संगठन शक्ति और सामाजिक समरसता का विशेष महत्व है।
अनुशासन, सेवा और समर्पण से बनेगा मजबूत भारत
अतुल लिमये ने युवाओं को आत्मनिर्भर, अनुशासित और राष्ट्र के प्रति समर्पित बनने की प्रेरणा दी।
उन्होंने कहा कि अगर युवा अपने जीवन में अनुशासन, सेवा और समर्पण के मूल्यों को अपनाते हैं, तो
भारत को विश्वगुरु बनने से कोई नहीं रोक सकता।
उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान समय केवल अवसरों का नहीं बल्कि जिम्मेदारियों का भी है।
ऐसे में युवाओं को अपने कर्तव्यों को समझते हुए राष्ट्रहित में योगदान देना चाहिए।
सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक मूल्यों पर जोर
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि आज के समय में युवाओं की भूमिका केवल करियर बनाने तक
सीमित नहीं है। उन्हें समाज में समरसता बनाए रखने, सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और
सामाजिक जिम्मेदारियों को निभाने की भी आवश्यकता है।
अतुल लिमये ने कहा कि यदि युवा सही दिशा में अपने विचार और ऊर्जा का उपयोग करें, तो
भारत को एक मजबूत और विकसित राष्ट्र बनने से कोई नहीं रोक सकता।
गोरखपुर में आयोजित यह युवा संवाद कार्यक्रम युवाओं के लिए एक प्रेरणादायक पहल साबित हुआ।
इस कार्यक्रम ने यह स्पष्ट कर दिया कि भारत का उज्ज्वल भविष्य युवाओं के हाथों में है।
यदि युवा अपने विचार, संस्कार और कर्म को सही दिशा में लगाएं, तो देश को प्रगति और
विकास के नए आयामों तक पहुंचाया जा सकता है
