गोरखपुर के एकला बांध
गोरखपुर का एकला बांध अब अपनी बदली हुई तस्वीर के कारण चर्चा में है। कभी कूड़े के विशाल ढेर और बदबू के लिए बदनाम यह जगह आज हरियाली और खूबसूरती से भरपूर पिकनिक स्पॉट के रूप में विकसित हो चुकी है।
NGT की कार्रवाई से पहले बदली तस्वीर
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने इस स्थान को पर्यावरण के लिए खतरा मानते हुए करीब 3 करोड़ रुपये जुर्माने की तैयारी कर ली थी।
लेकिन समय रहते नगर निगम ने बड़ा कदम उठाया और कूड़े के निस्तारण का कार्य शुरू किया, जिससे न सिर्फ पर्यावरण को राहत मिली बल्कि जुर्माने से भी बचाव हुआ।
3 लाख टन कचरे का वैज्ञानिक निस्तारण
नगर निगम ने आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए लगभग 3 लाख टन लिगेसी वेस्ट का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया।
इस प्रक्रिया में
पुराने कचरे को अलग किया गया
रीसाइक्लिंग योग्य सामग्री को हटाया गया
जमीन को समतल और साफ किया गया
इसके बाद इस क्षेत्र को नए विकास के लिए तैयार किया गया।
ईको पार्क और सिटी फॉरेस्ट का विकास
अब एकला बांध को एक नए रूप में विकसित किया गया है
सिटी फॉरेस्ट तैयार किया गया
ईको पार्क विकसित किया गया
राप्ती नदी के किनारे खूबसूरत व्यू पॉइंट बनाया गया
यह स्थान अब लोगों के घूमने और पिकनिक के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है।
सीएम योगी के विजन का असर
इस परियोजना को योगी आदित्यनाथ के ‘स्वच्छ गोरखपुर सुंदर गोरखपुर’ अभियान के तहत पूरा किया गया है।
नगर निगम और प्रशासन ने मिलकर इस योजना को जमीन पर उतारा, जिससे शहर की छवि में बड़ा बदलाव देखने को मिला।
जल्द होगा लोकार्पण
गोरखपुर के महापौर डॉ मंगलेश श्रीवास्तव के अनुसार इस परियोजना का काम लगभग पूरा हो चुका है।
जल्द ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों इसका लोकार्पण कराया जाएगा,
जिसके बाद यह आम जनता के लिए पूरी तरह खोल दिया जाएगा।
शहर को मिला नया पर्यटन स्थल
एकला बांध अब सिर्फ कचरा स्थल नहीं बल्कि
पर्यटन स्थल
पिकनिक स्पॉट
पर्यावरण संरक्षण का उदाहरण
बन चुका है।
यह बदलाव गोरखपुर के विकास और स्वच्छता की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
एकला बांध का कायाकल्प यह साबित करता है कि सही योजना और इच्छाशक्ति से किसी भी
समस्या को अवसर में बदला जा सकता है। कूड़े के पहाड़ से हरियाली तक का
यह सफर पूरे प्रदेश के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बन गया है।
