सीएम योगी ने बुनकरों
Yogi Adityanath ने हथकरघा विभाग की समीक्षा बैठक में बुनकरों के हित में बड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने साफ कहा कि बुनकर केवल परंपरा के संवाहक नहीं बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था के मजबूत आधार हैं। ऐसे में उनकी आय सम्मान और आजीविका की स्थिरता सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है।
वैल्यू चेन मॉडल पर होगा विकास
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि हथकरघा क्षेत्र को केवल उत्पादन तक सीमित न रखा जाए बल्कि इसे वैल्यू चेन मॉडल पर विकसित किया जाए। इसका मतलब है कि डिजाइन ब्रांडिंग पैकेजिंग और मार्केटिंग को भी एक साथ जोड़ा जाए ताकि बुनकरों को अधिक लाभ मिल सके।
बुनकरों की प्रमुख चुनौतियां
बैठक में बताया गया कि बुनकरों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है
कच्चे माल की बढ़ती लागत
आधुनिक डिजाइन और तकनीक की कमी
बाजार तक सीमित पहुंच
इन समस्याओं के समाधान के लिए एक मजबूत और समन्वित तंत्र विकसित करने की जरूरत बताई गई।
क्लस्टर आधारित योजना पर जोर
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि बुनकर बहुल क्षेत्रों की पहचान कर वहां क्लस्टर विकसित किए जाएं। इन क्लस्टरों में उत्पादन गुणवत्ता और विपणन को एकीकृत किया जाएगा।
हर क्लस्टर में बुनकरों को संगठित कर पंजीकृत इकाइयों के रूप में विकसित किया जाएगा
आधुनिक उपकरण और तकनीक उपलब्ध कराई जाएगी
कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा
यूपी में बुनकरों की स्थिति
उत्तर प्रदेश में लगभग 1.99 लाख बुनकर कार्यरत हैं और राज्य इस क्षेत्र में देश में छठवें स्थान पर है।
कालीन दरी और मैट उत्पादन में यूपी अग्रणी है जबकि बेडशीट फर्निशिंग और ब्लैंकेट में भी मजबूत उपस्थिति है।
वर्ष 2024-25 में देश का कुल हथकरघा निर्यात 1178.93 करोड़ रुपये रहा
जिसमें यूपी का योगदान लगभग 109.40 करोड़ रुपये यानी करीब 9.27 प्रतिशत है।
आधुनिक तकनीक से बढ़ेगी प्रतिस्पर्धा
सरकार का लक्ष्य है कि बुनकरों को आधुनिक तकनीक और उन्नत उपकरणों से जोड़ा जाए ताकि
उनके उत्पादों की गुणवत्ता बेहतर हो और वे राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धा कर सकें।
सीएम योगी का यह कदम बुनकरों के लिए बड़ी राहत और अवसर लेकर आया है। क्लस्टर आधारित विकास और
वैल्यू चेन मॉडल से न केवल उनकी आय बढ़ेगी बल्कि उन्हें बाजार में बेहतर पहचान भी मिलेगी।
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