उरई में 17 वर्षीय किशोर
Orai के माधवगढ़ क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है जहां 17 वर्षीय किशोर की हत्या कर शव को पशुबाड़े में दफना दिया गया। करीब 15 दिन बाद पुलिस ने कंकाल बरामद किया जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।
छोटे भाई के साथ घटना का विरोध बना वजह
परिजनों के अनुसार किशोर अपने छोटे भाई के साथ हुए कथित कुकर्म का विरोध करने आरोपियों के घर गया था। इसके बाद वह वापस नहीं लौटा। 25 मार्च से लापता किशोर की तलाश में परिवार भटकता रहा।
हत्या के बाद मांगी गई 30 लाख की फिरौती
घटना के अगले दिन किशोर की मां के मोबाइल पर 30 लाख रुपये की फिरौती का मैसेज आया। परिजनों ने तुरंत इसकी जानकारी पुलिस को दी लेकिन आरोप है कि शुरुआत में पुलिस ने गंभीरता नहीं दिखाई।
पुलिस पर लापरवाही के आरोप
परिवार का कहना है कि पुलिस ने केवल गुमशुदगी दर्ज कर ली और कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। बाद में शिकायत दर्ज कराने के बाद पुलिस सक्रिय हुई और जांच तेज की गई।
कैसे हुआ खुलासा
मोबाइल से भेजे गए मैसेज को सर्विलांस पर लगाया गया जिसके बाद पुलिस को सुराग मिला।
इसके आधार पर पुलिस ने दो आरोपियों को हिरासत में लिया।
कंकाल बरामद
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने पशुबाड़े में खुदाई कर किशोर का कंकाल बरामद किया।
इस खुलासे के बाद पूरे गांव में दहशत और गुस्से का माहौल है।
हत्या का तरीका
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने किशोर के सिर पर कांच की बोतल से वार कर
उसकी हत्या कर दी थी। इसके बाद शव को छुपाने के लिए जमीन में दफना दिया गया।
आगे की कार्रवाई
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और
आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। अन्य आरोपियों की तलाश भी की जा रही है।
परिवार का दर्द और न्याय की मांग
परिजन इस घटना से पूरी तरह टूट चुके हैं और न्याय की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि
अगर समय रहते कार्रवाई होती तो शायद उनके बेटे की जान बच सकती थी।
उरई की यह घटना न केवल एक गंभीर अपराध है बल्कि पुलिस व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती है। अब देखना
यह होगा कि दोषियों को कितनी जल्दी सजा मिलती है और पीड़ित परिवार को न्याय कब मिलता है।
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