Iran Israel War का असर यूपी में अमोनिया संकट कोल्ड स्टोरेज और किसानों पर बढ़ा दबाव

युद्ध का असर अब कृषि और कोल्ड स्टोरेज तक पहुंचा

ईरान और इजराइल के बीच जारी तनाव का असर अब सीधे उत्तर प्रदेश की कृषि अर्थव्यवस्था पर दिखने लगा है तेल डीजल और रसोई गैस के बाद अब अमोनिया गैस की कीमतों में भारी उछाल आया है जिससे कोल्ड स्टोरेज उद्योग बुरी तरह प्रभावित हो रहा है

प्रदेश में करीब 2500 कोल्ड स्टोरेज हैं जो अमोनिया गैस पर निर्भर रहते हैं इस गैस की कीमत दोगुनी होने से संचालन लागत तेजी से बढ़ गई है और इसका सीधा असर किसानों खासकर आलू उत्पादकों पर पड़ने की आशंका है

7200 का सिलिंडर 15000 में मिल रहा

अमोनिया गैस के दामों में भारी उछाल देखने को मिला है जो सिलिंडर पहले 7200 रुपये में मिलता था वह अब करीब 15000 रुपये में मिल रहा है

सामान्य दिनों में अमोनिया गैस की कीमत 60 से 80 रुपये प्रति किलो होती थी लेकिन अब यह बढ़कर 100 से 130 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है कई जगहों पर यह कीमत 140 रुपये प्रति किलो तक भी देखी जा रही है

कोल्ड स्टोरेज संचालन पर बढ़ा खर्च

आगरा में संचालित 327 कोल्ड स्टोरेज में एक सीजन के दौरान औसतन 1.5 से 2 टन अमोनिया गैस की जरूरत होती है ऐसे में दाम बढ़ने से खर्च कई गुना बढ़ गया है

मैनपुरी के कोल्ड स्टोरेज संचालकों के अनुसार एक सीजन में लगभग 1800 किलो

अमोनिया गैस का इस्तेमाल होता है जिले में 67 कोल्ड स्टोरेज हैं जिन पर इसका सीधा असर पड़ रहा है

फिरोजाबाद में भी स्थिति गंभीर बनी हुई है जहां पिछले साल 70 रुपये प्रति किलो मिलने वाली

अमोनिया गैस इस बार 140 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है

आपूर्ति में सुधार लेकिन कीमतें अब भी ऊंची

व्यापारियों का कहना है कि शुरुआती दिनों में अमोनिया गैस की भारी किल्लत थी लेकिन

अब आपूर्ति कुछ हद तक सुधरी है इसके बावजूद कीमतें अभी भी सामान्य से काफी ज्यादा बनी हुई हैं

कानपुर में भी अमोनिया गैस के दाम में करीब 20 प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की गई है

जिससे कोल्ड स्टोरेज संचालकों की लागत बढ़ गई है

किसानों पर पड़ सकता है बड़ा असर

अमोनिया गैस की कीमत बढ़ने से कोल्ड स्टोरेज का किराया बढ़ सकता है जिसका सीधा

असर किसानों पर पड़ेगा खासकर आलू उत्पादक जिलों में यह संकट और गहरा सकता है

अगर यही स्थिति बनी रही तो किसानों को अपनी उपज का सही मूल्य नहीं मिल पाएगा और

भंडारण की लागत बढ़ने से कृषि अर्थव्यवस्था प्रभावित हो सकती है

ईरान इजराइल युद्ध का असर अब वैश्विक स्तर से निकलकर स्थानीय अर्थव्यवस्था तक पहुंच गया है

यूपी में अमोनिया गैस का संकट इसका ताजा उदाहरण है

सरकार और संबंधित एजेंसियों को इस स्थिति पर नजर रखते हुए जरूरी कदम उठाने होंगे

ताकि कोल्ड स्टोरेज उद्योग और किसानों को राहत मिल सके