कानपुर किडनी कांड में बड़ा खुलासा
उत्तर प्रदेश के कानपुर से किडनी ट्रांसप्लांट के नाम पर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है जिसमें पंजाब के एक मरीज से 43 लाख रुपये लेने के बावजूद उसका इलाज नहीं किया गया पीड़ित का आरोप है कि उसे कई महीनों तक बहलाया गया और अंत में उसे ठग लिया गया
यह मामला सामने आने के बाद पुलिस और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है और पूरे नेटवर्क की जांच तेज कर दी गई है
पंजाब के मरीज ने लगाया गंभीर आरोप
पंजाब के अमृतसर के तरनतारन निवासी मनजिंदर ने आरोप लगाया है कि मसवानपुर स्थित आहूजा अस्पताल के संचालकों और उनके सहयोगियों ने किडनी ट्रांसप्लांट कराने के नाम पर उनसे 43 लाख रुपये ले लिए
मनजिंदर लंबे समय से किडनी की बीमारी से जूझ रहे हैं और कई वर्षों से डायलिसिस करा रहे थे इलाज के दौरान उनकी मुलाकात कुछ लोगों से हुई जिन्होंने उन्हें ट्रांसप्लांट कराने का भरोसा दिलाया
इसके बाद आरोपियों ने अलग अलग किश्तों में उनसे पूरी रकम ले ली जो उन्होंने कर्ज लेकर जुटाई थी
ट्रांसप्लांट नहीं किया हर बार टालते रहे आरोपी
पीड़ित का कहना है कि पैसे लेने के बाद भी आरोपियों ने उनका ट्रांसप्लांट नहीं कराया और हर बार कोई न कोई बहाना बनाकर टालते रहे
उन्होंने बताया कि अब उनकी आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो गई है जिन लोगों से उन्होंने पैसे उधार लिए थे वे लगातार दबाव बना रहे हैं जिससे उनका जीवन और कठिन हो गया है
इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब आरोपी शिवम अग्रवाल के मोबाइल फोन से पीड़ित का
वीडियो पुलिस को मिला जिसमें वह अपनी आपबीती बता रहा है
पुलिस जांच में सामने आया बड़ा नेटवर्क
जांच के दौरान पुलिस को इस मामले में एक बड़े नेटवर्क के सक्रिय होने के संकेत मिले हैं
इसमें कई लोग अलग अलग भूमिकाओं में शामिल थे
गाजियाबाद का रहने वाला परवेज सैफी इस गिरोह के लिए गाड़ियां उपलब्ध कराता था
बताया जा रहा है कि वह पहले भी लूट और डकैती के मामलों में जेल जा चुका है
इसके अलावा मेरठ निवासी अंकित भी इस नेटवर्क से जुड़ा हुआ था जो
अलग अलग नामों से वाहनों की बुकिंग करता था और गिरोह के सदस्यों को आवाजाही में मदद करता था
कई डॉक्टर और सहयोगी जांच के घेरे में
इस मामले में कई डॉक्टरों और सहयोगियों के नाम सामने आए हैं
जिनमें डॉ सुरजीत आहूजा डॉ प्रीति आहूजा डॉ रोहित वैभव मुद्गल डॉ अफजल डॉ मुदस्सर
अली सिद्दीकी उर्फ डॉ अली और डॉ अनुराग शामिल बताए जा रहे हैं
पुलिस अब इन सभी की भूमिका की जांच कर रही है और
फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है
दिल्ली और चंडीगढ़ तक पहुंची जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की टीम दिल्ली और चंडीगढ़ तक भेजी गई है
ताकि पीड़ित और अन्य संभावित कड़ियों तक पहुंचा जा सके
जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि
इस नेटवर्क ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है
कानपुर का यह किडनी कांड स्वास्थ्य सेवाओं में फैले भ्रष्टाचार और अवैध गतिविधियों की गंभीर
तस्वीर पेश करता है यह मामला न सिर्फ कानून व्यवस्था बल्कि मरीजों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़ा करता है
जरूरी है कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई हो ताकि भविष्य में कोई भी
व्यक्ति इलाज के नाम पर इस तरह की ठगी का शिकार न बने
