कुल्लू हादसा: खाई में गिरी पर्यटकों की गाड़ी, 4 की मौत, 18 घायल, जानिए पूरा मामला

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले से एक दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है, जिसने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। पर्यटकों से भरी एक टेंपो ट्रैवलर गहरी खाई में गिर गई, जिसमें चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 18 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई।

कैसे हुआ हादसा

जानकारी के अनुसार, दिल्ली से आए पर्यटकों की टेंपो ट्रैवलर जलोड़ी दर्रा से जीभी की ओर जा रही थी। शनिवार शाम करीब 8:30 बजे राष्ट्रीय राजमार्ग-305 पर सोझा मोड़ के पास वाहन अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरा।

गाड़ी में कुल 22 लोग सवार थे, जिनमें दो बच्चे भी शामिल थे। हादसे के समय अंधेरा होने के कारण राहत कार्य में और भी कठिनाई आई।

चार लोगों की मौत, कई घायल

इस भीषण हादसे में दो पुरुष और दो महिलाओं की मौत हो गई। वहीं 18 लोग घायल हुए हैं, जिन्हें तत्काल रेस्क्यू कर बंजार अस्पताल में भर्ती कराया गया।

कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिनका इलाज जारी है। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटे स्थानीय लोग और प्रशासन

हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग सबसे पहले मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। इसके बाद पुलिस, प्रशासन और दमकल विभाग की टीमें भी घटनास्थल पर पहुंचीं।

स्थानीय निवासी प्रताप ठाकुर ने बताया कि हादसे के बाद चीख-पुकार सुनकर लोग

तुरंत मदद के लिए दौड़े। कई घायल झाड़ियों और चट्टानों के बीच फंसे हुए थे।

मानव श्रृंखला बनाकर बचाई गई जानें

घटनास्थल का मंजर बेहद भयावह था। गहरी खाई, घनी झाड़ियां और अंधेरे के बीच घायलों तक पहुंचना आसान नहीं था।

ऐसे में स्थानीय लोगों और राहत टीमों ने मानव श्रृंखला बनाकर एक-एक कर घायलों को बाहर निकाला और

सड़क तक पहुंचाया। इस साहसिक प्रयास से 18 लोगों की जान बचाई जा सकी।

जांच के आदेश

कुल्लू के एसपी मदन लाल कौशल ने बताया कि हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है।

शुरुआती अनुमान के अनुसार वाहन के अनियंत्रित होने से

दुर्घटना हुई, लेकिन वास्तविक कारण जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।

दिल दहला देने वाला मंजर

हादसे के बाद घटनास्थल पर चारों तरफ चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल था।

कुछ लोग गाड़ी से बाहर छिटककर झाड़ियों में फंसे थे, जबकि कुछ चट्टानों के पास अटके हुए थे।

घायलों को निकालने के दौरान हर पल खतरा बना हुआ था कि वाहन और नीचे खिसक सकता है,

लेकिन इसके बावजूद लोगों ने साहस दिखाते हुए सभी को बचाने की कोशिश की।

यह हादसा एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में सावधानीपूर्वक वाहन चलाने की जरूरत को उजागर करता है।

प्रशासन द्वारा जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि दुर्घटना के पीछे असली कारण क्या था,

लेकिन फिलहाल प्राथमिकता घायलों के बेहतर इलाज और राहत कार्य पर है।

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