गैस सिलिंडर पाने के लिए केवाईसी अपडेट
गोरखपुर। रसोई गैस सिलिंडर पाने से पहले उपभोक्ताओं को गैस एजेंसियों पर केवाईसी अपडेट कराने और पर्ची बनवाने के लिए घंटों लाइन में लगना पड़ रहा है। पर्ची मिलने के बाद भी सिलिंडर लेने के लिए गोदाम पर दोबारा कतार लगानी पड़ रही है। होम डिलिवरी पर जोर दिए जाने के बावजूद डिलीवरी में देरी से लोग काफी परेशान हैं।
गोरखपुर में गैस सिलिंडर पाने की जंग: दो बार लाइन लगानी पड़ रही
शुक्रवार को शहर की विभिन्न गैस एजेंसियों पर सुबह से ही भीड़ जुट गई। एजेंसी संचालक पहले पर्ची बनाने पर ध्यान दे रहे हैं, साथ ही एक कर्मचारी केवाईसी अपडेट के लिए तैनात है। शाहपुर स्थित प्रज्ञा गैस एजेंसी पर बाहर एनाउंसमेंट के जरिए पर्ची दी जा रही थी, जबकि सड़क किनारे एक कर्मचारी उपभोक्ताओं की केवाईसी अपडेट कर रहा था।
मोहद्दीपुर स्थित अशोका गैस एजेंसी पर तो सड़क तक पर्ची कटाने के लिए लंबी लाइन लगी रही। उपभोक्ता संजय ने बताया कि उन्होंने कई दिन पहले गैस बुक की थी, लेकिन आज पर्ची लेने आए हैं। उन्होंने कहा कि अगर समय पर सिलिंडर नहीं मिला तो घर में गैस खत्म होने का संकट खड़ा हो जाएगा।
होम डिलिवरी में देरी, DAC नंबर आने के बाद भी सिलिंडर नहीं पहुंचा
एजेंसी संचालक गोदाम से सीधे वितरण के साथ-साथ होम डिलिवरी पर अधिक जोर दे रहे हैं, लेकिन डिलीवरी में हो रही देरी के कारण लोग मजबूरन गोदाम पहुंच रहे हैं।
सूर्यकुंड गैस एजेंसी के उपभोक्ता कमरुद्दीन अंसारी (जाफरा बाजार) ने बताया कि डीएसी (डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड) आए तीन दिन बीत गए, लेकिन हॉकर फोन नहीं उठा रहा है। एजेंसी पर फोन करने पर कर्मचारी होम डिलिवरी कराने की बात कहते हैं, फिर भी सिलिंडर नहीं पहुंचा।
लालडिग्गी निवासी कृष्ण कुमार मिश्रा ने बताया कि 23 मार्च को डीएसी नंबर आ गया था, लेकिन अब तक होम डिलिवरी नहीं हुई। शुक्रवार को शिकायत करने पर कर्मचारी ने शनिवार शाम तक सिलिंडर पहुंचाने का आश्वासन दिया।
शुक्ला गैस एजेंसी पर पहुंचे मनीष कुमार ने एक और समस्या बताई। उन्होंने गैस बुक नहीं की थी,
फिर भी मोबाइल पर मैसेज आया कि गैस बुक हो गई और डिलीवरी हो गई।
एजेंसी कर्मचारियों ने बताया कि बुकिंग तो हुई है, लेकिन सिलिंडर किसी को दिया नहीं गया है।
जिला पूर्ति अधिकारी का आश्वासन
जिला पूर्ति अधिकारी रामेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि गैस सिलिंडर की समस्या अब धीरे-धीरे समाप्त हो रही है।
जिन उपभोक्ताओं को डीएसी कोड मिल रहे हैं, उन्हें एजेंसी या घर पर सिलिंडर की डिलीवरी दी जा रही है।
लोगों को परेशान नहीं होना चाहिए, सिलिंडर उनके घर पहुंचेगा।
होम डिलिवरी बढ़ाने की जरूरत
उपभोक्ताओं का कहना है कि होम डिलिवरी व्यवस्था को और मजबूत किया जाए ताकि
उन्हें अनावश्यक भीड़ और लंबी कतारों से राहत मिल सके। केवाईसी अपडेट और
पर्ची बनाने की प्रक्रिया को आसान और तेज करने की मांग भी की जा रही है।
गोरखपुर में हाल के दिनों में गैस सिलिंडर की मांग बढ़ने से एजेंसियों पर दबाव रहा है। मुख्यमंत्री योगी
आदित्यनाथ ने भी हाल ही में आश्वासन दिया था कि लाइन लगाने की जरूरत नहीं है,
निर्धारित समय पर बुकिंग करने पर सिलिंडर घर पहुंच जाएगा।
फिर भी व्यावहारिक स्तर पर उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
यह स्थिति रसोई गैस उपभोक्ताओं के लिए चुनौती बनी हुई है। एजेंसियों और प्रशासन को
केवाईसी प्रक्रिया को डिजिटल और तेज बनाने तथा होम डिलिवरी को और
प्रभावी बनाने पर ध्यान देने की जरूरत है ताकि आम नागरिकों को राहत मिल सके।
