गोरखपुर में राजघाट पुल की मरम्मत से भारी जाम
गोरखपुर। शहर की जीवन रेखा माने जाने वाले राजघाट पुल पर चल रहे मरम्मत कार्य ने यातायात व्यवस्था को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। बृहस्पतिवार सुबह से ही नौसड़ से पैडलेगंज और पैडलेगंज से ट्रांसपोर्ट नगर तक दोनों ओर लंबा जाम लग गया। आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जहां पहले नौसड़ से पैडलेगंज पहुंचने में महज 10 मिनट लगते थे, वहीं अब वाहन रेंगते हुए एक से डेढ़ घंटे का समय ले रहे हैं। कुछ यात्री जाम से तंग आकर पैदल ही शहर की ओर निकल पड़े।
पुल की मरम्मत क्यों जरूरी हुई?
राप्ती नदी पर स्थित यह 61 वर्ष पुराना राजघाट पुल काफी जर्जर हो चुका है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को पुल के जॉइंट और बेयरिंग में दरारें तथा खराबी मिलने के बाद मरम्मत कार्य शुरू किया गया है। पुल की दो लेन में से एक लेन को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। अब सभी हल्के वाहनों को सिर्फ एक लेन से गुजरना पड़ रहा है। इससे ट्रैफिक का दबाव अचानक बढ़ गया है। दूसरी लेन पर एक्सपेंशन ज्वाइंट और बेयरिंग की मरम्मत का काम तेजी से चल रहा है।
जाम की स्थिति और यात्री परेशानी
जाम की वजह से बसें बीच रास्ते में ही यात्रियों को उतार रही हैं। कई लोग मजबूरन पैदल या ऑटो-रिक्शा जैसे वैकल्पिक साधनों का सहारा ले रहे हैं। यात्रियों ने बताया कि सुबह के समय ऑफिस और स्कूल जाने वाले लोगों को खासी दिक्कत हो रही है। एक यात्री ने कहा, “पहले 10 मिनट में घर पहुंच जाता था, आज डेढ़ घंटे लग गए। बस भी बीच में छोड़ दी गई।”
नौसड़ की ओर से आने वाले मार्ग पर बैरिकेडिंग कर आधी सड़क बंद कर दी गई है। परिणामस्वरूप वाहन धीमी रफ्तार से रेंग रहे हैं। कुछ जगहों पर तो वाहनों की कतारें इतनी लंबी हो गईं कि ट्रैफिक पूरी तरह ठप हो गया।
प्रशासन का इंतजाम: पुलिस बल तैनात, भारी वाहनों पर रोक
ट्रैफिक पुलिस ने जाम नियंत्रण के लिए व्यापक तैयारी की है। ट्रांसपोर्ट नगर से नौसड़ तक हर 100 मीटर पर पुलिस बल तैनात किया गया है। अधिकारी लगातार ट्रैफिक को मैनेज कर रहे हैं और वैकल्पिक मार्गों की जानकारी दे रहे हैं।
नई व्यवस्था के तहत बस, ट्रक, टैंकर जैसे भारी वाहनों की शहर में एंट्री पूरी तरह बंद कर दी गई है। इन वाहनों को बाघागाड़ा से कुशीनगर-लखनऊ हाईवे की ओर डायवर्ट किया जा रहा है। वहां से करजहां होते हुए देवरिया बाईपास के रास्ते शहर पहुंचाया जा रहा है।
इस डायवर्शन से राजघाट पुल पर दबाव काफी कम हुआ है,
लेकिन हल्के वाहनों (कार, बाइक, ऑटो) को अभी भी पुल से गुजरना पड़ रहा है।
डायवर्शन और अतिरिक्त दूरी का बोझ
भारी वाहनों के लिए तय किया गया नया रूट पहले से करीब 22 किलोमीटर लंबा है।
इससे बसों का किराया भी 35 रुपये तक बढ़ गया है। बनारस रूट की बसों को
नौसड़ बस अड्डे पर रोका जा रहा है, जहां जगह की कमी से अतिरिक्त परेशानी हो रही है।
प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें और अनावश्यक यात्रा से बचें।
एसएसपी ने बताया कि पुलिस पूरी तरह सक्रिय है ताकि लोगों को कम से कम असुविधा हो।
कब तक चलेगा यह संकट?
पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के अनुसार मरम्मत कार्य तेजी से चल रहा है। अनुमान है कि यह काम करीब
30 से 40 दिनों तक चल सकता है। इस दौरान यातायात में बदलाव बना रहेगा।
प्रशासन का प्रयास है कि जल्द से
जल्द पुल की दोनों लेन बहाल की जाएं ताकि सामान्य यातायात बहाल हो सके।
इस मरम्मत से शहरवासियों को अल्पकालिक परेशानी तो हो रही है, लेकिन
लंबे समय में पुल की सुरक्षा और मजबूती बढ़ेगी। नागरिकों से अनुरोध है कि
धैर्य रखें, ट्रैफिक नियमों का पालन करें और डायवर्टेड रूट का इस्तेमाल करें।
