UP: इस तरह पेट्रोल-डीजल नहीं मिलेगा, प्रशासन ने जारी किए ये आदेश; पंप संचालकों को जारी की गई चेतावनी

उत्तर प्रदेश में रसोई गैस (LPG) संकट के बाद अब पेट्रोल और डीजल को लेकर भी अफवाहों और गहमागहमी का माहौल बन गया है। जिले के प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से पेट्रोल-डीजल को बोतल, कैन या किसी भी खुले बर्तन में बेचने पर सख्त पाबंदी लगा दी है। जिलापूर्ति अधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि नियम तोड़ने वाले पंप संचालकों या ग्राहकों के खिलाफ सीधे एफआईआर दर्ज की जाएगी। प्रशासन ने जोर देकर कहा है कि जिले में ईंधन की कोई कमी नहीं है और लोग अफवाहों पर ध्यान न दें।

प्रशासन का सख्त रुख

जिलापूर्ति अधिकारी आनंद कुमार ने बताया कि भीषण गर्मी के मौसम में पेट्रोल-डीजल का अवैध भंडारण अत्यंत खतरनाक हो सकता है। ईंधन अत्यंत ज्वलनशील पदार्थ है। अगर इसे घरों, दुकानों या असुरक्षित जगहों पर कैन-बोतलों में रखा गया तो छोटी सी चिंगारी भी बड़े अग्निकांड का कारण बन सकती है। इसलिए सुरक्षा के मद्देनजर पेट्रोल-डीजल को केवल वाहनों में सीधे टैंक भरने की अनुमति है। बोतल, कैन या किसी अन्य बर्तन में बेचना या खरीदना पूरी तरह प्रतिबंधित है।

प्रशासन ने सभी पेट्रोल पंप संचालकों को लिखित निर्देश जारी कर दिए हैं। यदि कोई संचालक इन नियमों का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

प्रीमियम पेट्रोल की जबरदस्ती बिक्री पर चेतावनी

प्रशासन को कई शिकायतें मिल रही हैं कि कुछ पेट्रोल पंप संचालक सादा पेट्रोल (Regular Petrol) खत्म होने का बहाना बनाकर ग्राहकों को महंगे प्रीमियम पेट्रोल (Premium Petrol) खरीदने के लिए मजबूर कर रहे हैं। जिलापूर्ति अधिकारी ने इसकी भी सख्त निंदा की है। उन्होंने कहा कि सादे पेट्रोल की पर्याप्त उपलब्धता है। फिर भी यदि कोई पंप संचालक जबरदस्ती प्रीमियम तेल बेचता है तो ऐसे पंपों की पहचान कर जांच शुरू कर दी गई है। दोषी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

अफवाहों से बचें, अवैध भंडारण न करें

जिलापूर्ति अधिकारी आनंद कुमार ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की किल्लत या कमी की अफवाहों पर ध्यान न दें। जिले में पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त मात्रा उपलब्ध है। स्थिति पूरी तरह सामान्य है। लोगों से अनुरोध है कि वे अफवाहों में न आएं और अनावश्यक रूप से ईंधन का भंडारण न करें। अवैध भंडारण न केवल कानूनी अपराध है बल्कि जान-माल के लिए भी खतरा पैदा कर सकता है।

प्रशासन ने सभी पेट्रोल पंपों पर निगरानी बढ़ा दी है। टीमों को निर्देश दिए गए हैं कि वे नियमित रूप से पंपों का निरीक्षण करें और किसी भी अनियमितता की तुरंत रिपोर्ट करें।

क्यों जरूरी है यह सख्ती?

वर्तमान में पश्चिम एशिया संकट के कारण वैश्विक स्तर पर ईंधन आपूर्ति को लेकर कुछ चिंताएं हैं।

इससे कुछ लोग अफवाहों का शिकार होकर अनावश्यक स्टॉक करने लगे हैं।

गर्मी के मौसम में यह अत्यंत जोखिम भरा है।

छोटी सी लापरवाही आग लगने का कारण बन सकती है।

इसलिए प्रशासन ने समय रहते सख्त कदम उठाए हैं ताकि कोई बड़ा हादसा न हो।

पेट्रोल पंप संचालकों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे केवल

वैध तरीके से ईंधन बेचें और ग्राहकों को कोई भी जबरदस्ती न करें।

निष्कर्ष उत्तर प्रदेश प्रशासन ने पेट्रोल-डीजल को बोतल या कैन में बेचने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है।

सुरक्षा कारणों और गर्मी के मौसम को देखते हुए

यह फैसला लिया गया है। जिलापूर्ति अधिकारी ने स्पष्ट किया कि जिले में

ईंधन की कोई कमी नहीं है। लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों से बचें,

अवैध भंडारण न करें और नियमों का पालन करें। पंप संचालकों को भी चेतावनी दी गई है कि

प्रीमियम तेल की जबरदस्ती बिक्री या नियम तोड़ने पर सख्त कार्रवाई होगी।

यह कदम आम जनता की सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया है।

नागरिकों को भी सहयोग करना चाहिए ताकि स्थिति सामान्य बनी रहे।