गोरखनाथ मंदिर में कन्या पूजन
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामनवमी और नवरात्र के पावन अवसर पर गोरखनाथ मंदिर में पारंपरिक कन्या पूजन किया। नवमी के दिन उन्होंने नौ कन्याओं का पूजन कर मां सिद्धिदात्री की आराधना की और नारी शक्ति का सम्मान किया। मुख्यमंत्री ने स्वयं कन्याओं के पांव पखारे, तिलक लगाया, चुनरी ओढ़ाई, भोजन कराया, दक्षिणा और उपहार दिए तथा उनका आशीर्वाद लिया। यह दृश्य नारी सम्मान और सनातन परंपरा के प्रति उनके समर्पण को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।
गोरखनाथ मंदिर में भव्य कन्या पूजन
27 मार्च 2026 को गोरखनाथ मंदिर में रामनवमी के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूरे विधि-विधान से कन्या पूजन सम्पन्न किया। उन्होंने मां सिद्धिदात्री की पूजा-अर्चना की और नौ छोटी कन्याओं को देवी का स्वरूप मानकर उनकी पूजा की।
सीएम योगी ने सबसे पहले कन्याओं के पैर धोए, फिर उन्हें रोली-कुमकुम का तिलक लगाया, चुनरी ओढ़ाई और मिठाई तथा फल से भोजन (प्रसाद) कराया। इसके बाद उन्होंने प्रत्येक कन्या को दक्षिणा और उपहार स्वरूप वस्त्र, पुस्तकें तथा अन्य आवश्यक सामग्री प्रदान की। कन्याओं ने मुख्यमंत्री को आशीर्वाद दिया। इस दौरान मंदिर में बटुक भैरव की भी विशेष पूजा की गई।
नारी शक्ति का सम्मान
कन्या पूजन भारतीय सनातन परंपरा का महत्वपूर्ण अंग है। नवमी तिथि पर नौ कन्याओं का पूजन मां दुर्गा के नौ स्वरूपों का प्रतीक माना जाता है। मुख्यमंत्री योगी द्वारा स्वयं पांव पखारना और भोजन कराना नारी शक्ति के प्रति गहरा सम्मान दर्शाता है। यह कार्य दिखाता है कि कैसे एक व्यस्त नेता भी धार्मिक परंपराओं और नारी सम्मान को प्राथमिकता देते हैं।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि नवरात्र का पर्व शक्ति की उपासना का पर्व है। नारी शक्ति ही समाज की रीढ़ है। कन्या पूजन के माध्यम से हम देवी के नौ रूपों की आराधना करते हैं और नारी को सम्मान देते हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों को नवरात्र और रामनवमी की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
मंदिर में भक्ति का माहौल
गोरखनाथ मंदिर पूरे नवरात्र में भक्ति और उल्लास से गूंज रहा है। रामनवमी के दिन मंदिर में विशेष सजावट की गई थी। कन्या पूजन के दौरान मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन और आरती का सिलसिला चलता रहा। हजारों श्रद्धालु इस पावन अवसर पर दर्शन करने पहुंचे थे। मुख्यमंत्री के कन्या पूजन को देखकर भक्तों में उत्साह बढ़ गया।
यह कार्यक्रम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सादगी और धार्मिक निष्ठा का प्रतीक है।
वे हर वर्ष नवरात्र में गोरखनाथ मंदिर में कन्या पूजन करते हैं और नारी शक्ति को प्रणाम करते हैं।
सनातन संस्कृति का संदेश
कन्या पूजन केवल पूजा नहीं, बल्कि समाज में नारी को देवी स्वरूप मानने की परंपरा है।
मुख्यमंत्री द्वारा इस परंपरा का पालन करना युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक है।
यह दर्शाता है कि आधुनिक युग में भी सनातन मूल्य और परंपराएं जीवंत हैं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नारी सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण पर भी
जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं के
सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मिशन शक्ति जैसी योजनाएं इसी दिशा में एक कदम हैं।
निष्कर्ष सीएम योगी आदित्यनाथ का गोरखनाथ मंदिर में कन्या पूजन नारी सम्मान और
धार्मिक परंपराओं का सुंदर उदाहरण है। पांव पखारकर, भोजन कराकर और
आशीर्वाद लेकर उन्होंने नौ कन्याओं के माध्यम से मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की।
इस पावन अवसर पर उन्होंने पूरे प्रदेश को नवरात्र और रामनवमी की शुभकामनाएं दीं।
यह कार्यक्रम भक्ति, संस्कृति और नारी शक्ति के सम्मान का प्रतीक बन गया।
गोरखनाथ मंदिर में मनाया गया यह कन्या पूजन पूरे उत्तर प्रदेश में सकारात्मक संदेश दे रहा है।
