गोरखपुर में आशा वर्कर्स
गोरखपुर में आशा वर्कर्स (आशा बहनों) ने बकाया भुगतान न मिलने पर जोरदार धरना प्रदर्शन किया। महिलाओं ने 2024-2025 और 2025-2026 के सम्पूर्ण भुगतान, आभा आयुष्मान, कुशल योजना की अदायगी, उत्पीड़न व सरकार के वादों पर फूटा गुस्सा जताया।
आशा बहनों का प्रदर्शन
गोरखपुर में आशा वर्कर्स का धरना काफी उग्र रहा। सैकड़ों आशा बहनें एकत्रित हुईं और उन्होंने नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने एक बड़ा बैनर भी निकाला, जिसमें साफ लिखा था कि 2024-2025 और 2025-2026 के बकाया भुगतान तुरंत किए जाएं।
महिलाओं ने हाथ उठाकर और नारे लगाते हुए अपनी मांगों को जोर-शोर से रखा। कई आशा वर्कर्स ने कहा कि लंबे समय से बकाया राशि नहीं मिल रही है, जिससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो गई है।
मुख्य मांगें क्या हैं?
आशा वर्कर्स की प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं:
- 2024-2025 और 2025-2026 का पूरा बकाया भुगतान
- आभा आयुष्मान कार्ड से संबंधित भुगतान
- कुशल योजना की अदायगी
- उत्पीड़न बंद करने और सुरक्षा की गारंटी
- सरकार द्वारा किए गए वादों का पालन
महिलाओं ने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं में आशा बहनें दिन-रात काम करती हैं, लेकिन उनका मेहनताना समय पर नहीं मिलता। कई महीनों से बकाया राशि लंबित पड़ी हुई है।
प्रदर्शन का स्वरूप
धरना स्थल पर आशा बहनों की भीड़ देखी गई। कई महिलाएं गुस्से में नारे लगा रही थीं। कुछ आशा वर्कर्स ने हाथ में मोबाइल लेकर वीडियो बनाते हुए अपनी बात रखी। प्रदर्शन शांतिपूर्ण लेकिन बेहद जोरदार था।
रिपोर्टर सृष्टि दुबे ने इस घटना की रिपोर्टिंग की। SRS साची आवाज चैनल ने भी इस प्रदर्शन को कवर किया।
आशा वर्कर्स की भूमिका और समस्याएं
आशा वर्कर्स उत्तर प्रदेश समेत पूरे देश में स्वास्थ्य सेवाओं की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। वे गर्भवती महिलाओं की देखभाल, टीकाकरण, पोषण, आयुष्मान कार्ड बनवाने और कई सरकारी योजनाओं को ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने का काम करती हैं।
फिर भी इनके साथ सबसे बड़ी समस्या बकाया भुगतान की है। कई बार आशा बहनें महीनों तक इंतजार करती रहती हैं। आर्थिक तंगी के कारण कई आशा वर्कर्स को परिवार चलाने में दिक्कत होती है।
सरकार से अपील
प्रदर्शनकारियों ने सरकार से तुरंत बकाया राशि जारी करने और नियमित भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि अगर मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
आशा वर्कर्स का कहना है कि वे सरकार की योजनाओं का सबसे आगे से क्रियान्वयन करती हैं,
इसलिए उनका हक उन्हें समय पर मिलना चाहिए।
गोरखपुर में आशा वर्कर्स द्वारा किया गया धरना एक बार फिर साबित करता है कि
स्वास्थ्य क्षेत्र की frontline workers की समस्याओं को गंभीरता से लेने की जरूरत है।
बकाया भुगतान न मिलने से इन महिलाओं में गुस्सा बढ़ता जा रहा है।
सरकार को आशा बहनों की मांगों पर तुरंत ध्यान देना चाहिए ताकि स्वास्थ्य सेवाओं में
कोई व्यवधान न आए और इन समर्पित कार्यकर्ताओं का मनोबल बना रहे।
आशा वर्कर्स का यह प्रदर्शन पूरे उत्तर प्रदेश के लिए एक संदेश है कि
frontline health workers को उनका हक मिलना चाहिए।
