शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को हाईकोर्ट से बड़ी राहत
उत्तर प्रदेश में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्यों की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। पॉक्सो एक्ट के तहत झूंसी थाने में दर्ज मामले में कोर्ट ने यह महत्वपूर्ण राहत प्रदान की है।
पॉक्सो एक्ट मामले में क्या था मामला?
झूंसी थाने में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य स्वामी प्रत्यक्त चैतन्य मुकुंदानंद गिरि समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ नाबालिग बच्चों के यौन शोषण का मामला दर्ज किया गया था। कोर्ट के आदेश पर यह FIR दर्ज हुई थी। आरोपों की गंभीरता को देखते हुए मामले में तुरंत कार्रवाई की मांग की जा रही थी।
झूंसी थाने में दर्ज हुई थी FIR
*झूंसी पुलिस स्टेशन में पॉक्सो एक्ट समेत अन्य धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। शंकराचार्य और उनके शिष्यों पर नाबालिगों के यौन शोषण का गंभीर आरोप लगाया गया था। इसके बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख किया और गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग की।
हाईकोर्ट ने क्यों लगाई गिरफ्तारी पर रोक?
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें विस्तार से सुनीं। पिछले दिनों मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। बुधवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने तथ्यों, परिस्थितिजन्य साक्ष्यों और कानूनी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, स्वामी मुकुंदानंद और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और मुकुंदानंद को मिली राहत
कोर्ट के इस आदेश से शंकराचार्य और उनके शिष्य स्वामी प्रत्यक्त चैतन्य मुकुंदानंद गिरि समेत अन्य लोगों को तत्काल गिरफ्तारी से राहत मिल गई है। हाईकोर्ट ने मामले की आगे की सुनवाई के लिए अगली तारीख भी तय कर दी है।
कोर्ट ने सुनवाई के बाद सुरक्षित रखा था फैसला
मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने विस्तृत सुनवाई की। दोनों पक्षों के
वकीलों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। बुधवार को
सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट ने गिरफ्तारी पर रोक लगाने का आदेश जारी किया।
अब आगे क्या होगा?
हाईकोर्ट के इस अंतरिम आदेश के बाद अब मुख्य मुकदमे की सुनवाई आगे बढ़ेगी।
कोर्ट तथ्यों और साक्ष्यों की जांच कर अंतिम फैसला सुनाएगा।
फिलहाल शंकराचार्य और अन्य आरोपियों पर गिरफ्तारी की तलवार नहीं लटक रही है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके
शिष्य स्वामी मुकुंदानंद समेत अन्य की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। झूंसी थाने में पॉक्सो एक्ट के तहत
दर्ज मामले में कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह राहत प्रदान की।
तथ्यों और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को देखते हुए दिया गया यह आदेश मामले की आगे की सुनवाई पर निर्भर करेगा।
यह फैसला शंकराचार्य और उनके अनुयायियों के लिए बड़ी राहत की बात है।
