गोरखपुर में सरकारी योजनाओं
गोरखपुर में सरकारी योजनाओं के नाम पर ठगी
लोन और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर लोगों को ठगने वाला एक बड़ा गिरोह गोरखपुर पुलिस के हत्थे चढ़ गया है। गिरोह के सात सदस्यों को एम्स पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया और कोर्ट में पेश करने के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया। यह गिरोह लोगों को सरकारी योजनाओं और आसान लोन का लालच देकर उनके दस्तावेज हासिल करता था और फिर उनके बैंक खातों का दुरुपयोग करके साइबर ठगी की रकम को वॉश करता था।
गिरोह कैसे करता था ठगी?
गिरोह के सदस्य विभिन्न इलाकों में घूमकर लोगों से संपर्क करते थे। वे कहते थे कि केंद्र और राज्य सरकार की कई योजनाएं चल रही हैं, जिनका लाभ आप ले सकते हैं। साथ ही आसानी से पर्सनल लोन भी दिलवा सकते हैं। लोगों को लालच में फंसाकर वे उनके आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी और अन्य दस्तावेज मांग लेते थे।
आधार कार्ड की मदद से वे नए सिम कार्ड निकलवा लेते थे। इसके बाद उसी आधार से बैंक खाते खुलवाते थे। इन खातों में साइबर ठगों द्वारा ठगी गई रकम ट्रांसफर कर दी जाती थी, जिसे बाद में निकालकर गिरोह के सदस्य बांट लेते थे। कई लोगों से वे बैंक पासबुक और चेकबुक भी ले लेते थे।
आधार कार्ड से सिम और बैंक खाता खुलवाना
गिरोह की सबसे बड़ी चाल आधार कार्ड का दुरुपयोग था। एक व्यक्ति का आधार कार्ड लेकर वे कई सिम कार्ड और बैंक खाते खुलवा लेते थे। इन खातों का इस्तेमाल मुख्य रूप से साइबर फ्रॉड की रकम को “मनी लॉन्ड्रिंग” के लिए किया जाता था। बदले में आम लोगों को कुछ सौ या हजार रुपये का कमीशन देने का लालच दिया जाता था।
कमीशन का लालच देकर लोगों को फंसाते थे
गिरोह के सदस्य गरीब और बेरोजगार युवाओं को टारगेट करते थे। उन्हें कहते थे कि “आपका खाता खुलवाने में मदद करेंगे, हर महीने 2000-3000 रुपये कमीशन मिलेगा”। कई लोग लालच में फंस गए और अपने दस्तावेज सौंप दिए। बाद में जब उनके खाते में ठगी की रकम आने लगी तो वे खुद फंस गए।
ध्रुव साहनी गिरोह का मुख्य सूत्रधार
पुलिस के अनुसार, गिरोह का मुख्य सूत्रधार ध्रुव साहनी था। वह अन्य गुर्गों को निर्देश देता था कि किसके आधार से कितने सिम और खाते खुलवाने हैं। ध्रुव साहनी समेत सात आरोपियों को एम्स पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार किया। इनमें से कुछ स्थानीय और कुछ बाहर के भी बताए जा रहे हैं।
एम्स पुलिस की बड़ी कार्रवाई
एम्स थाना पुलिस ने सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई की। छापेमारी में सातों आरोपियों को पकड़ लिया गया।
उनके पास से कई आधार कार्ड, सिम कार्ड, बैंक पासबुक और
मोबाइल फोन बरामद किए गए। सभी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें
जेल भेज दिया गया। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों और बड़े मास्टरमाइंड की तलाश में जुटी हुई है।
साइबर ठगी से बचने के लिए सलाह
- कभी भी अपने आधार कार्ड, बैंक डिटेल्स या पासबुक अनजान व्यक्ति को न दें।
- सरकारी योजनाओं या लोन के नाम पर किसी से दस्तावेज मांगने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें।
- अपने बैंक खाते की नियमित जांच करें।
- सिम कार्ड या बैंक खाता खुलवाने के लिए केवल अधिकृत एजेंट या बैंक शाखा जाएं।
- यदि कोई लालच दे तो समझ लें कि ठगी हो सकती है।
गोरखपुर में सरकारी योजनाओं और लोन का झांसा देकर ठगी करने वाला गिरोह
पुलिस की गिरफ्त में आ गया है। सात आरोपियों की गिरफ्तारी से साइबर ठगी के
एक बड़े नेटवर्क पर शिकंजा कसा गया है। ध्रुव साहनी समेत सभी आरोपी अब जेल में हैं।
पुलिस की इस कार्रवाई से आम लोगों को सबक मिलना चाहिए कि लालच में फंसकर दस्तावेज किसी को न सौंपें।
सतर्कता ही ठगी से बचाव का सबसे अच्छा तरीका है।
