गोरखपुर के खजनी क्षेत्र
गोरखपुर से परशुराम यादव की खास रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जनपद से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां ग्रामीण क्षेत्र के एक परिषदीय विद्यालय में पठन-पाठन और मिड डे मील योजना के नाम पर गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगा है। प्राथमिक विद्यालय भिटहा कुंवर, क्षेत्र खजनी की स्थिति ने शिक्षा व्यवस्था पर कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
🔍 क्या है पूरा मामला?
सूत्रों के अनुसार, इस विद्यालय में लगभग 10 से 15 बच्चों का नामांकन दर्ज है, लेकिन वास्तविकता यह है कि रोजाना केवल 2-3 बच्चे ही स्कूल आते हैं। यह स्थिति खुद बताती है कि विद्यालय में शिक्षा का स्तर कितना कमजोर हो चुका है।
स्थानीय रिपोर्ट के मुताबिक, यहां पठन-पाठन की व्यवस्था लगभग ठप है और विद्यालय पूरी तरह से अव्यवस्था का शिकार बन चुका है।
🍽️ मिड डे मील में अनियमितता
सबसे गंभीर आरोप मिड डे मील योजना को लेकर सामने आया है। जहां सरकार बच्चों को पौष्टिक भोजन देने के लिए योजना चला रही है, वहीं इस विद्यालय में बच्चों को भोजन की जगह भुजा और चूड़ा परोसा जा रहा है।
बताया जा रहा है कि विद्यालय के शिक्षक चंद्रशेखर सिंह का कहना है कि भोजन नियमित रूप से तैयार किया जाता है, लेकिन जिस दिन व्यवस्था नहीं हो पाती, उस दिन बच्चों को भुजा-चूड़ा दे दिया जाता है।
🏚️ जर्जर विद्यालय भवन
जब मीडिया द्वारा विद्यालय की वास्तविक स्थिति कैमरे में कैद की गई, तो सामने आया कि विद्यालय भवन बेहद जर्जर हालत में है।
- कई वर्षों से पुताई नहीं हुई
- भवन की हालत खराब
- साफ-सफाई की कमी
- बुनियादी सुविधाओं का अभाव
यह सब दर्शाता है कि विकास कार्य केवल कागजों तक सीमित रह गए हैं।
शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल
इस पूरे मामले ने बेसिक शिक्षा विभाग और स्थानीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा सुधार के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों के बावजूद, जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है।
यह भी आरोप लगाया जा रहा है कि अधिकारियों और स्थानीय स्तर पर “सेटिंग-गेटिंग” के चलते इस तरह की अनियमितताएं लंबे समय से चल रही हैं।
🗣️ प्रशासन से कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों और रिपोर्ट के अनुसार अब मांग उठ रही है कि:
- मामले की निष्पक्ष जांच हो
- दोषी अधिकारियों और शिक्षकों पर कार्रवाई हो
- विद्यालय की स्थिति में सुधार किया जाए
- बच्चों को बेहतर शिक्षा और भोजन उपलब्ध कराया जाए
📢 समाज के लिए संदेश
यह घटना केवल एक विद्यालय की नहीं, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र की एक झलक हो सकती है।
जरूरत है कि समाज, प्रशासन और सरकार मिलकर ऐसे मामलों पर सख्ती से
कार्रवाई करें, ताकि बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो सके।
गोरखपुर के खजनी क्षेत्र का यह परिषदीय विद्यालय शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त खामियों को उजागर करता है।
यदि समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया, तो ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा का स्तर और गिर सकता है।
अब देखना यह होगा कि संबंधित अधिकारी इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं और
क्या वास्तव में कोई ठोस कार्रवाई होती है या नहीं।
