गोरखपुर में आशा कार्यकर्ताओं का जोरदार प्रदर्शन
गोरखपुर में आशा कार्यकर्ताओं ने अपने बकाया भुगतान को लेकर बड़ा आंदोलन छेड़ दिया है। नगर निगम पार्क से शुरू हुआ यह प्रदर्शन धीरे-धीरे एक विशाल जुलूस में बदल गया, जिसमें सैकड़ों की संख्या में आशा कार्यकर्ता शामिल हुईं। हाथों में तख्तियां और नारों के साथ कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया और अपनी मांगों को लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचीं।
क्या है पूरा मामला?
आशा कार्यकर्ताओं का कहना है कि उन्हें कई महीनों से मानदेय और प्रोत्साहन राशि का भुगतान नहीं किया गया है। लगातार काम करने के बावजूद उन्हें समय पर वेतन नहीं मिल रहा, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद प्रशासन ने उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया।
नगर निगम पार्क से निकला जुलूस
सुबह से ही बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ता नगर निगम पार्क में एकत्रित होने लगीं। इसके बाद उन्होंने एकजुट होकर कलेक्टर कार्यालय तक जुलूस निकाला।जुलूस के दौरान “हमारा हक दो”, “मानदेय दो”, “शोषण बंद करो” जैसे नारे गूंजते रहे, जिससे पूरे शहर का माहौल आंदोलनमय हो गया।
कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर सौंपा ज्ञापन
कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर आशा कार्यकर्ताओं ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में उन्होंने अपने बकाया भुगतान को जल्द से जल्द जारी करने की मांग की।उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे और बड़ा आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगी।
कार्यकर्ताओं की प्रमुख मांगें
बकाया मानदेय का तुरंत भुगतान
प्रोत्साहन राशि का समय पर वितरण
कार्य के अनुसार उचित वेत
ननौकरी में स्थायित्व और सुरक्षा
स्वास्थ्य और बीमा सुविधाओं का विस्तार
सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
प्रदर्शन कर रही आशा कार्यकर्ताओं ने सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगाया। उनका कहना है कि कोरोना काल से लेकर अब तक उन्होंने पूरी निष्ठा से काम किया, लेकिन बदले में उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिला।उन्होंने कहा कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे प्रदेश स्तर पर बड़ा आंदोलन शुरू करेंगी।
आम जनता पर भी पड़ा असर
इस प्रदर्शन का असर शहर की यातायात व्यवस्था पर भी देखने को मिला। जुलूस के चलते कई जगहों पर जाम की स्थिति बनी रही, जिससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि पुलिस प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित रखने का प्रयास किया।
अब सभी की नजर प्रशासन और सरकार की प्रतिक्रिया पर है। अगर जल्द समाधान नहीं हुआ, तो यह आंदोलन और भी उग्र रूप ले सकता है।आशा कार्यकर्ताओं का यह प्रदर्शन आने वाले समय में एक बड़े जन आंदोलन का रूप भी ले सकता है।
