गोरखपुर जनपद के थाना खोराबार पुलिस ने एक बार फिर साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल करते हुए ऑनलाइन धोखाधड़ी के शिकार एक व्यक्ति को उसके ₹1,00,000 (एक लाख रुपये) वापस दिलाए हैं। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर के निर्देशन में चलाए जा रहे साइबर अपराध नियंत्रण अभियान के तहत की गई, जिसमें पुलिस अधीक्षक अपराध, पुलिस अधीक्षक नगर, क्षेत्राधिकारी कैण्ट के पर्यवेक्षण और थानाध्यक्ष खोराबार के नेतृत्व में साइबर सेल टीम ने त्वरित और प्रभावी कार्यवाही करते हुए पीड़ित को राहत पहुंचाई।
कैसे हुआ साइबर फ्रॉड?
यह मामला उस समय सामने आया जब दिनांक 13 अक्टूबर 2024 को पीड़ित व्यक्ति का मोबाइल फोन दिल्ली में गुम हो गया था। मोबाइल के गायब होने के बाद अज्ञात साइबर अपराधियों ने उस फोन का दुरुपयोग करते हुए पीड़ित के बैंक खाते से अलग-अलग तारीखों में विभिन्न खातों में अवैध रूप से धन ट्रांसफर कर लिया। जब पीड़ित को इस संदिग्ध गतिविधि की जानकारी हुई, तो उसने तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने कैसे ट्रेस किया पैसा?
शिकायत दर्ज होने के बाद थाना खोराबार की साइबर सेल टीम ने बिना समय गंवाए मामले की जांच शुरू की। तकनीकी विश्लेषण और डिजिटल ट्रैकिंग के माध्यम से उन खातों की पहचान की गई, जिनमें पीड़ित का पैसा ट्रांसफर हुआ था। इसके बाद संबंधित बैंकों और एजेंसियों से समन्वय स्थापित कर उन खातों में मौजूद राशि को होल्ड कराया गया।
साइबर सेल की त्वरित कार्रवाई
पुलिस की सूझबूझ और तत्परता के चलते कुल ₹1,00,000 की राशि सुरक्षित कर ली गई, जिसे नियमानुसार प्रक्रिया पूरी करते हुए दिनांक 24 मार्च 2026 को पीड़ित के खाते में सफलतापूर्वक वापस करा दिया गया। इस कार्रवाई से न केवल पीड़ित को आर्थिक राहत मिली, बल्कि आम जनता में भी पुलिस के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है।
किन अधिकारियों ने निभाई अहम भूमिका?
इस सफलता के पीछे थाना खोराबार की टीम की अहम भूमिका रही, जिसमें थानाध्यक्ष सुधांशु सिंह, महिला उपनिरीक्षक श्रुति वर्मा, साइबर नोडल अधिकारी उपनिरीक्षक शुभम शर्मा और कम्प्यूटर ऑपरेटर ग्रेड-ए बीर बहादुर सिंह यादव शामिल रहे। टीम ने समन्वित प्रयास और तकनीकी दक्षता के माध्यम से इस जटिल साइबर फ्रॉड केस को सुलझाया।
आम जनता के लिए जरूरी सलाह
गोरखपुर पुलिस की यह कार्रवाई इस बात का प्रमाण है कि यदि समय रहते शिकायत दर्ज कराई जाए और सही तरीके से जांच हो, तो साइबर अपराधों में भी पीड़ित को न्याय मिल सकता है। पुलिस प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी प्रकार की ऑनलाइन धोखाधड़ी होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल (www.cybercrime.gov.in या हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते कार्रवाई कर धन की रिकवरी संभव हो सके।
ठगी के शिकार को मिली राहत: गोरखपुर पुलिस ने साइबर अपराधियों से वापस दिलाए ₹1 लाख!
आज के डिजिटल युग में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं, ऐसे में सतर्कता और जागरूकता बेहद जरूरी है। अनजान लिंक, फर्जी कॉल, OTP साझा करना या संदिग्ध ऐप डाउनलोड करने से बचना चाहिए। गोरखपुर पुलिस लगातार लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ साइबर अपराधियों पर सख्त कार्रवाई कर रही है।
यह घटना उन सभी लोगों के लिए एक संदेश है जो ऑनलाइन फ्रॉड का शिकार होते हैं कि घबराने की बजाय तुरंत सही प्लेटफॉर्म पर शिकायत करें, क्योंकि सही समय पर की गई कार्रवाई से आपका पैसा वापस मिल सकता है।
