प्रयागराज में रसोई गैस सिलिंडर की किल्लत
प्रयागराज में रसोई गैस सिलिंडर की किल्लत अभी भी बनी हुई है। सरकार और कंपनियां लगातार होम डिलिवरी पर जोर दे रही हैं, लेकिन एजेंसियों और गोदामों पर उपभोक्ताओं की भीड़ कम नहीं हो रही है।
सूर्यकुंड की प्रसिद्ध इंडेन गैस एजेंसी पर सोमवार को साप्ताहिक बंदी थी, फिर भी कई उपभोक्ता जानकारी के अभाव में गैस सिलिंडर लेने पहुंच गए। इससे गोदाम पर अनावश्यक भीड़ लग गई।
क्या हुआ सूर्यकुंड इंडेन एजेंसी पर?
सोमवार को एजेंसी बंद थी। कुछ उपभोक्ता रविवार को ही अपना सिलिंडर खत्म होने के बाद सोमवार सुबह गैस लेने पहुंचे। कर्मचारियों ने उन्हें बताया कि दोपहर बाद आना पड़ेगा, तब सिलिंडर उपलब्ध हो सकेगा।
जाफरा बाजार के रहने वाले वाहिद अंसारी ने बताया, “रविवार को गैस सिलिंडर खत्म हो गया था। एजेंसी से सिलिंडर लेने गए, लेकिन नहीं मिल सका। सोमवार को भी बंदी थी, इसलिए परेशानी हुई।”
होम डिलिवरी पर जोर, फिर भी भीड़ क्यों?
- कई उपभोक्ताओं को होम डिलिवरी का ऑप्शन पता नहीं है
- ऑनलाइन बुकिंग (MyLPG.in या IVRS) का इस्तेमाल कम हो रहा है
- लोग अभी भी पुरानी आदत के अनुसार एजेंसी पर पहुंच रहे हैं
- किल्लत के कारण लोग जल्दी-जल्दी सिलिंडर लेने की कोशिश कर रहे हैं
परिणामस्वरूप एजेंसियों के सामने लंबी कतारें लग रही हैं और गोदामों पर भीड़ बढ़ गई है।
उपभोक्ताओं को क्या करना चाहिए?
- गैस खत्म होने से पहले MyLPG.in ऐप या वेबसाइट से बुकिंग करें
- होम डिलिवरी का विकल्प चुनें – एजेंसी पर जाने की जरूरत नहीं
- IVRS नंबर (1800-233-3555) पर कॉल करके भी बुकिंग कर सकते हैं
- सिलिंडर की डिलिवरी स्टेटस चेक करें
- बंदी के दिन एजेंसी न जाएं, पहले जानकारी ले लें
समस्या का समाधान कब?
प्रशासन और गैस कंपनियां लगातार सप्लाई बढ़ाने का दावा कर रही हैं। होम डिलिवरी को और मजबूत बनाने के लिए एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं। फिर भी किल्लत पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है। उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे बिना जरूरत के स्टॉक न करें और होम डिलिवरी का अधिक से अधिक फायदा उठाएं।
अंतिम अपडेट: 24 मार्च 2026
रसोई गैस किल्लत अभी भी प्रयागराजवासियों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। होम डिलिवरी को अपनाकर आप अपनी और दूसरों की परेशानी कम कर सकते हैं।
अगर आपको भी गैस सिलिंडर नहीं मिल रहा है तो कमेंट में अपनी समस्या बताएं।
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रसोई गैस किल्लत – होम डिलिवरी पर जोर, फिर भी एजेंसियों पर भीड़।
