प्रयागराज के फाफामऊ
प्रयागराज से एक बेहद दर्दनाक और चिंताजनक खबर सामने आई है, जहां गंगापार इलाके के फाफामऊ के पास चंदापुर गांव में स्थित एक कोल्ड स्टोरेज अचानक धराशायी हो गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार इस भीषण हादसे की वजह अमोनिया गैस का रिसाव बताया जा रहा है। हादसे के समय कोल्ड स्टोरेज के अंदर दो दर्जन से अधिक मजदूर काम कर रहे थे, जिनमें से कई मलबे में दब गए।
हादसे की वजह: अमोनिया गैस रिसाव से मचा हड़कंप
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कोल्ड स्टोरेज के अंदर अचानक अमोनिया गैस का रिसाव शुरू हुआ, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई। इससे पहले कि मजदूर बाहर निकल पाते, पूरी इमारत भरभराकर गिर गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी, जिसके बाद राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। अमोनिया गैस अत्यधिक जहरीली होती है और इसके संपर्क में आने से सांस लेने में दिक्कत, आंखों में जलन और गंभीर स्थिति पैदा हो सकती है, जिससे हालात और भी भयावह हो गए।
रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, कई मजदूरों की हालत गंभीर
दमकलकर्मियों और पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद कई मजदूरों को मलबे से बाहर निकाला गया और एंबुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया। जानकारी के अनुसार अब तक कई लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है, लेकिन अभी भी करीब डेढ़ दर्जन मजदूरों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है। चार मजदूरों की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है, जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है।
हाईवे पर यातायात रोका गया, प्रशासन अलर्ट
हादसे के बाद मलाक हरहर इलाके में हाईवे पर वाहनों का आवागमन रोक दिया गया है ताकि रेस्क्यू ऑपरेशन में किसी प्रकार की बाधा न आए। फाफामऊ समेत आसपास के कई थानों की पुलिस फोर्स मौके पर तैनात कर दी गई है। जिले के आला अधिकारी भी मौके पर पहुंच चुके हैं और स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे घटनास्थल से दूर रहें और किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें।
कोल्ड स्टोरेज मालिक पर उठे सवाल
बताया जा रहा है कि यह कोल्ड स्टोरेज पूर्व मंत्री अहमद का है।
इस हादसे के बाद सुरक्षा मानकों को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।
क्या गैस रिसाव को रोकने के लिए पर्याप्त इंतजाम थे? क्या समय-समय पर सुरक्षा जांच की गई थी?
इन सभी पहलुओं की जांच के आदेश दिए जा सकते हैं। यदि लापरवाही पाई गई तो
संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की संभावना है।
प्रयागराज का यह हादसा औद्योगिक सुरक्षा पर एक बड़ा सवाल खड़ा करता है। अमोनिया गैस जैसे खतरनाक रसायनों के
उपयोग में थोड़ी सी भी लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती है। फिलहाल प्रशासन का पूरा
ध्यान राहत और बचाव कार्य पर है और घायलों के बेहतर इलाज के प्रयास किए जा रहे हैं।
उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही सभी मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया जाएगा
