📌 गोरखपुर में शहीद दिवस पर भव्य आयोजन। गोरखपुर में 23 मार्च 2026 को शहीद दिवस के अवसर पर एक भव्य और ऐतिहासिक कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर भारत मां के वीर सपूत और अमर क्रांतिकारी सरदार भगत सिंह के भतीजे सरदार किरणजीत सिंह विशेष रूप से गोरखपुर पहुंचेंगे। यह कार्यक्रम न केवल शहीदों को श्रद्धांजलि देने का माध्यम बनेगा, बल्कि युवाओं को राष्ट्रभक्ति और बलिदान की प्रेरणा भी देगा।
चौरीचौरा से बिस्मिल बलिदान स्थली तक श्रद्धांजलि
अपने गोरखपुर दौरे के दौरान सरदार किरणजीत सिंह सबसे पहले चौरीचौरा शहीद स्मारक स्थल पहुंचकर स्वतंत्रता संग्राम के वीरों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इसके बाद वह पंडित रामप्रसाद बिस्मिल की बलिदान स्थली जिला कारागार जाकर उन्हें नमन करेंगे। यह पूरा कार्यक्रम देश के स्वतंत्रता संग्राम की गौरवशाली गाथा को जीवंत करने का प्रयास है।
📌 बेतियाहाता में 285 दीप जलाकर होगा सम्मान
शाम 6 बजे बेतियाहाता चौराहे पर स्थापित भगत सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया जाएगा। इस अवसर पर भगत सिंह, सुखदेव थापर और शिवराम हरी राजगुरु के 95वें बलिदान दिवस पर 285 दीप जलाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी जाएगी। यह दीप प्रज्वलन कार्यक्रम देशभक्ति की भावना को और प्रबल करेगा।
📌 MMMUT में युवाओं से संवाद संगोष्ठी
दोपहर 2:30 बजे मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (MMMUT) के प्रशासकीय अटल भवन में “शहीदों के सपनों का भारत – युवाओं से संवाद” विषय पर संगोष्ठी आयोजित की जाएगी। इस कार्यक्रम में सरदार किरणजीत सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
विशिष्ट अतिथियों की मौजूदगी
इस संगोष्ठी में शहीदे आजम सोसायटी के अध्यक्ष इंजीनियर प्रदीप देशवाल विशिष्ट अतिथि होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता लखनऊ यूनिवर्सिटी एवं MMMUT के कुलपति प्रोफेसर जे.पी. सैनी करेंगे। इसके अलावा कुलसचिव चंद्र प्रकाश प्रियदर्शी, डॉ. अवधेश कुमार और गुरुकृपा संस्थान के संस्थापक महासचिव बृजेश राम त्रिपाठी भी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।
📌 छात्रों के लिए प्रेरणा का अवसर
यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय के छात्रों के लिए एक सुनहरा अवसर होगा, जहां वे देशभक्ति, त्याग और बलिदान की कहानियों से प्रेरणा ले सकेंगे। “युवाओं से संवाद” संगोष्ठी में देश के भविष्य को दिशा देने पर भी चर्चा की जाएगी।
आयोजन का संयोजन
इस कार्यक्रम का संयोजन विश्वविद्यालय के छात्र क्रियाकलाप परिषद के अध्यक्ष एवं भौतिकी व पदार्थ विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रोफेसर बी.के. पांडेय द्वारा किया जा रहा है। साथ ही अधिष्ठाता क्षेत्र विस्तार गतिविधि एवं पुरातन छात्र संबंध भी इसमें सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
शहीद दिवस का महत्व
23 मार्च 1931 को भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को फांसी दी गई थी। इस दिन को पूरे भारत में शहीद दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि स्वतंत्रता के लिए कितने वीरों ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।
निष्कर्ष
गोरखपुर में आयोजित यह कार्यक्रम न केवल शहीदों को श्रद्धांजलि देने का अवसर है, बल्कि युवाओं को राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करने का भी एक सशक्त माध्यम है। सरदार किरणजीत सिंह की उपस्थिति इस आयोजन को और अधिक गौरवपूर्ण बनाएगी।
