गोरखनाथ पुल
गोरखपुर शहर के सबसे महत्वपूर्ण मार्गों में से एक गोरखनाथ पुल (Gorakhnath Bridge) की मरम्मत का कार्य अब नवरात्र के बाद शुरू होने जा रहा है। लोक निर्माण विभाग (PWD) ने इस पुराने पुल की स्थिति को देखते हुए मरम्मत का फैसला लिया है, जिसके चलते पुल को लगभग एक महीने के लिए पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। इस दौरान वाहनों का आवागमन नए गोरखनाथ ओवरब्रिज से होगा, जिससे ट्रैफिक में कुछ असुविधा हो सकती है लेकिन सुरक्षा सुनिश्चित रहेगी।
गोरखनाथ पुल की खराब स्थिति और निरीक्षण रिपोर्ट
1980 में निर्मित यह पुराना गोरखनाथ पुल पिछले कुछ वर्षों से लगातार खराब हो रहा था। समय-समय पर हुए निरीक्षण में पुल के एक्सपेंशन जॉइंट्स (Expansion Joints), बेयरिंग और अन्य महत्वपूर्ण हिस्सों में गंभीर खराबी पाई गई थी। इन खराबियों के कारण पुल धीरे-धीरे खतरनाक स्थिति में पहुंच रहा था, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ गया था।
मरम्मत कार्य लंबे समय से लंबित चल रहा था, लेकिन अब पीडब्ल्यूडी ने इसे प्राथमिकता दी है। विभाग ने शासन से आवश्यक बजट प्राप्त कर लिया है और काम की तैयारी पूरी कर ली गई है।
मरम्मत शुरू होने की तिथि और बंद की अवधि
पहले योजना थी कि पुल को 20 मार्च से बंद किया जाए, लेकिन ट्रैफिक पुलिस से अनुमति नहीं मिलने के कारण इसे टाल दिया गया। अब मरम्मत का काम नवरात्र (Navratri) के बाद शुरू होगा, ताकि श्रद्धालुओं और शहरवासियों को कम से कम असुविधा हो।
बंद की अवधि लगभग एक महीना रहेगी। इस दौरान पुराने पुल पर कोई भी वाहन नहीं चलेगा। सभी प्रकार के वाहन – हल्के, भारी और दोपहिया – नए गोरखनाथ ओवरब्रिज से गुजरेंगे, जो हाल ही में बनकर तैयार हुआ है और बेहतर सुविधा प्रदान करता है।
नए ओवरब्रिज से वाहनों का आवागमन
गोरखपुर में हाल ही में 137 करोड़ रुपये की लागत से नया गोरखनाथ
ओवरब्रिज बनाया गया है, जिसका उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया था।
यह डबल लेन ओवरब्रिज शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को मजबूत बनाने में
महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। मरम्मत के दौरान पुराने पुल की जगह इसी नए ओवरब्रिज का उपयोग होगा,
जिससे यात्रा समय में ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा और सुरक्षा बनी रहेगी।
शहरवासियों के लिए सलाह
- मरम्मत अवधि में नए ओवरब्रिज का उपयोग करें।
- ट्रैफिक पुलिस के निर्देशों का पालन करें।
- यदि संभव हो तो वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करें ताकि जाम से बचा जा सके।
- सुरक्षा को प्राथमिकता दें, क्योंकि पुराना पुल अब इस्तेमाल के लायक नहीं है।
यह मरम्मत कार्य पुल की लंबी उम्र और शहर की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है।
मरम्मत पूरी होने के बाद पुल की लोड टेस्टिंग भी की जाएगी, ताकि भविष्य में कोई समस्या न आए।
गोरखपुर के विकास में यह कदम महत्वपूर्ण साबित होगा।
अधिक अपडेट के लिए लोक निर्माण विभाग या स्थानीय समाचार स्रोतों पर नजर रखें।
