यूपी बोर्ड 2026 की कॉपियों
उत्तर प्रदेश के Gorakhpur में यूपी बोर्ड परीक्षा 2026 की कॉपियों का मूल्यांकन शुरू होते ही एक बार फिर छात्रों की भावनाएं सामने आ गई हैं। इस बार कॉपियों में रुपये तो नहीं मिले, लेकिन छात्रों ने पास होने के लिए ऐसी-ऐसी भावुक अपीलें लिखीं कि पढ़कर कोई भी भावुक हो जाए। हालांकि, परीक्षकों ने नियमों का पालन करते हुए निष्पक्ष मूल्यांकन किया।
6 केंद्रों पर शुरू हुआ मूल्यांकन
गोरखपुर में कुल छह केंद्रों पर हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया जा रहा है। पहले ही दिन लगभग 9,000 कॉपियों की जांच पूरी कर ली गई। इंटर की कॉपियों का मूल्यांकन पीएम श्री राजकीय जुबली इंटर कॉलेज, एमएसआई इंटर कॉलेज और मारवाड़ इंटर कॉलेज में हो रहा है, जबकि हाईस्कूल की कॉपियों की जांच महात्मा गांधी इंटर कॉलेज, सेंट एंड्रयूज इंटर कॉलेज और राष्ट्रीय इंटर कॉलेज में की जा रही है।
7000 शिक्षकों की लगी ड्यूटी
इस बार मूल्यांकन कार्य के लिए लगभग 7000 शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में सख्ती से मूल्यांकन कराया जा रहा है, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न हो।
कॉपियों में दिखी छात्रों की भावनाएं
इस बार छात्रों ने उत्तर पुस्तिकाओं में भावुक संदेश लिखकर परीक्षकों से पास करने की अपील की। कई छात्रों ने लिखा – “सर प्लीज पास कर दीजिएगा, आपकी महान कृपा होगी।”
कुछ ने लिखा – “कृपया पास कर दीजिए, आगे से मेहनत करूंगा।”
वहीं कुछ छात्रों ने अपने भविष्य और परिवार के दबाव का जिक्र करते हुए पास करने की गुहार लगाई।
अंग्रेजी में भी लिखी अपील
कुछ छात्रों ने अपनी बात अंग्रेजी में भी लिखी और परीक्षकों से मदद की उम्मीद जताई। उन्होंने अपने करियर और परिवार की उम्मीदों का हवाला देते हुए पास करने का अनुरोध किया।
परीक्षकों ने किया निष्पक्ष मूल्यांकन
हालांकि इन भावुक अपीलों के बावजूद परीक्षकों ने पूरी सख्ती के साथ मूल्यांकन किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि
मूल्यांकन केवल उत्तरों के आधार पर किया जाता है, न कि किसी भावनात्मक अपील पर।
प्रशासनिक खामियां भी आई सामने
पहले दिन मूल्यांकन के दौरान कुछ प्रशासनिक कमियां भी देखने को मिलीं।
कई शिक्षकों को गलत केंद्र की जानकारी दी गई, जिससे उन्हें इधर-उधर भटकना पड़ा।
इसके अलावा कुछ केंद्रों पर पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी भी सामने आई।
व्यवस्था सुधारने की कोशिश
जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. अमरकांत सिंह ने बताया कि मूल्यांकन
प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए लगातार सुधार किए जा रहे हैं।
सभी केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी में कार्य हो रहा है और व्यवस्थाओं को बेहतर किया जा रहा है।
यूपी बोर्ड की कॉपियों में छात्रों की भावुक अपीलें हर साल सामने आती हैं,
लेकिन इस बार सख्ती के चलते निष्पक्ष मूल्यांकन पर
विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यह घटना छात्रों के दबाव और शिक्षा व्यवस्था की वास्तविकता को भी दर्शाती है।
अंततः सफलता मेहनत से ही मिलती है, न कि भावनात्मक अपीलों से।
