गोरखपुर में भाजपा नेता
उत्तर प्रदेश के Gorakhpur से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां प्रॉपर्टी डीलर और भाजपा से जुड़े नेता राजकुमार चौहान की हत्या ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है। इस घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है और पत्नी सुशीला का दर्द हर किसी को झकझोर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया है कि रंजिश के चलते उनके पति की हत्या की गई और पूरे परिवार को बर्बाद कर दिया गया।
हत्या से मचा सनसनी
गोरखपुर के चिलुआताल थाना क्षेत्र के बरगदवा गांव में मंगलवार सुबह यह सनसनीखेज वारदात हुई। राजकुमार चौहान की हत्या ने इलाके में भय और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया। घटना के बाद घर में चीख-पुकार मच गई और परिवार के सदस्य गहरे सदमे में हैं।
पत्नी का दर्द और आरोप
मृतक की पत्नी सुशीला ने बिलखते हुए कहा कि “जलने वालों ने हमें जीते जी मार डाला।” उनका कहना है कि उनके पति राजनीति में आगे बढ़ रहे थे, जिससे कुछ लोग उनसे जलने लगे थे। यही रंजिश धीरे-धीरे इतनी बढ़ गई कि आखिरकार इस दर्दनाक घटना में बदल गई।
चुनाव के बाद बढ़ी रंजिश
सुशीला के अनुसार, तीन साल पहले पार्षद का चुनाव हुआ था, जिसमें उनके पति हार गए थे और धर्मदेव चौहान जीत गए थे। उसी समय से दोनों पक्षों के बीच रंजिश शुरू हो गई थी। इसके बाद लगातार विवाद और तनाव की स्थिति बनी रही।
पहले भी हो चुकी थी मारपीट
परिवार का आरोप है कि दो साल पहले पार्षद से जुड़े लोगों ने उनके भतीजे नीरज के साथ मारपीट की थी। उस समय पुलिस ने उल्टा भतीजे को ही पकड़ लिया था। जब राजकुमार चौहान उसे छुड़ाने गए, तो उन्हें भी फर्जी केस में फंसाकर जेल भेज दिया गया था। एक महीने जेल में रहने के बाद भी विवाद खत्म नहीं हुआ और दुश्मनी जारी रही।
प्रशासन पर उठे सवाल
इस मामले में परिवार ने जिला प्रशासन के रवैए पर भी सवाल उठाए हैं।
सुशीला ने बताया कि अधिकारियों ने उन्हें बच्चों की पढ़ाई और व्यवसाय के लिए मदद का आश्वासन दिया,
लेकिन उन्होंने कहा कि “जब पति ही नहीं रहा तो इन सबका क्या मतलब है।”
बच्चों और परिवार की हालत
घटना के बाद परिवार पूरी तरह टूट चुका है।
छोटे-छोटे बच्चे अपने पिता को खोने के बाद बेसहारा हो गए हैं।
घर में सन्नाटा पसरा हुआ है और हर कोई इस दुखद घटना से उबर नहीं पा रहा है।
राजनीतिक और सामाजिक असर
इस हत्या ने न केवल स्थानीय राजनीति को प्रभावित किया है
बल्कि समाज में भी भय का माहौल बना दिया है।
लोग सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं।
गोरखपुर का यह मामला केवल एक हत्या नहीं बल्कि एक परिवार के टूटने की कहानी है।
रंजिश और दुश्मनी किस तरह जानलेवा बन सकती है,
यह घटना इसका उदाहरण है। अब सभी की नजर पुलिस जांच और न्याय पर टिकी हुई है।
