उत्तर प्रदेश में एसआई भर्ती
यूपी में एसआई भर्ती परीक्षा घोटाला
उत्तर प्रदेश में उप निरीक्षक नागरिक पुलिस और समकक्ष पदों की सीधी भर्ती-2025 की लिखित परीक्षा में ठगी का मामला सामने आया है। राज्य की एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) ने एक गैंग के सदस्य को गिरफ्तार किया है, जो अभ्यर्थियों को परीक्षा का फर्जी प्रश्नपत्र दिलाने का झांसा देकर उनसे ऑनलाइन पैसे वसूलता था।
यह मामला विशेष रूप से गंभीर है क्योंकि पुलिस भर्ती परीक्षाओं में धोखाधड़ी और ठगी लगातार बढ़ रही है। ऐसे मामलों में न केवल अभ्यर्थियों को वित्तीय नुकसान होता है, बल्कि परीक्षा की ईमानदारी और प्रक्रिया पर भी सवाल उठते हैं।
गैंग की कार्यप्रणाली
एसटीएफ के अनुसार, आरोपी ने टेलीग्राम चैनल बनाकर अभ्यर्थियों को फर्जी प्रश्नपत्र भेजने का झांसा दिया। उन्होंने कई चैनल्स के माध्यम से संदेश प्रसारित किए, जिनमें शामिल थे:
- यूपी एसआई यूपी पुलिस-2026
- रिजल्ट पैनल प्राइवेट
- यूपी एसआई परीक्षा प्रश्नपत्र-2026
इन चैनलों पर अभ्यर्थियों से परीक्षा का असली प्रश्नपत्र दिलाने के नाम पर पैसे वसूलने की कोशिश की गई। आरोपी ने ऑनलाइन पेमेंट के जरिए रकम वसूलने का तरीका अपनाया, जिससे कई अभ्यर्थी प्रभावित हुए।
सोशल मीडिया और एसटीएफ की निगरानी
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की परीक्षा के मद्देनजर सोशल मीडिया पर लगातार निगरानी रखी जा रही थी। इसी दौरान एसटीएफ ने फर्जी टेलीग्राम चैनलों की पहचान की और जांच शुरू की।
एसटीएफ के अधिकारियों ने बताया कि ऐसे फर्जी चैनलों पर नियमित रूप से संदेश प्रसारित किए जाते थे, जिससे अभ्यर्थियों को भ्रमित किया जाता था और उन्हें झांसा देकर पैसे वसूल लिए जाते थे।
आगरा से हुई गिरफ्तारी
एसटीएफ की कार्रवाई के दौरान गैंग के एक सदस्य को आगरा से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपी पर आरोप है कि
वह अभ्यर्थियों को परीक्षा के फर्जी प्रश्नपत्र और रिजल्ट दिलाने का झांसा देकर ठगी करता था।
गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से डिजिटल सबूत भी बरामद हुए हैं, जो यह दिखाते हैं कि कैसे
उसने टेलीग्राम चैनलों का उपयोग करके अभ्यर्थियों को ठगी का शिकार बनाया।
अभ्यर्थियों के लिए सावधानियां
- किसी भी फर्जी प्रश्नपत्र पर भरोसा न करें – परीक्षा की जानकारी केवल आधिकारिक बोर्ड या वेबसाइट से ही लें।
- ऑनलाइन पेमेंट से बचें – अगर कोई परीक्षा या रिजल्ट के नाम पर ऑनलाइन
- पैसे मांगता है, तो यह ठगी का संकेत हो सकता है।
- संदेहास्पद चैनलों की रिपोर्ट करें – सोशल मीडिया या टेलीग्राम पर ऐसे चैनलों की रिपोर्ट करना आवश्यक है।
- एसटीएफ और पुलिस की घोषणाओं पर भरोसा करें – आधिकारिक सूचना ही सही और सुरक्षित होती है।
उत्तर प्रदेश में एसआई भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक के झांसे में ठगी का
यह मामला अभ्यर्थियों के लिए चेतावनी है।
एसटीएफ की सतर्कता और सोशल मीडिया पर निगरानी से ऐसे गिरोहों की
पहचान की जा रही है। अभ्यर्थियों को चाहिए कि
वे हमेशा आधिकारिक माध्यमों का ही उपयोग करें और किसी भी फर्जी वादे पर भरोसा न करें।
यह मामला यह भी दिखाता है कि डिजिटल ठगी के मामलों में जागरूकता और सतर्कता अत्यंत जरूरी है।
