यूपी Ola Uber नए नियम
उत्तर प्रदेश में Ola, Uber जैसी ऐप-बेस्ड टैक्सी और डिलीवरी सेवाओं पर अब सख्ती बढ़ने वाली है। परिवहन विभाग ने यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश मोटर यान (समूहक और वितरण सेवा प्रदाता) नियमावली, 2026 का प्रस्ताव जारी किया है। इस नए नियम के तहत ड्राइवर बिना वैध कारण बताए राइड कैंसिल नहीं कर सकेंगे, वरना कुल किराए का 10% कट जाएगा। इसी तरह यात्री द्वारा बिना वजह कैंसिल करने पर भी जुर्माना लगेगा। यह प्रस्ताव 14 मार्च 2026 को जारी हुआ और आम जनता से 30 दिनों के भीतर आपत्तियां/सुझाव मांगे गए हैं।
ड्राइवर द्वारा राइड कैंसिल पर 10% कटौती
प्रस्ताव के अनुसार, अगर कोई ड्राइवर राइड बुक होने के बाद बिना किसी वैध कारण (जैसे यात्री का व्यवहार खराब, गलत लोकेशन आदि) के राइड कैंसिल करता है, तो उसके कुल किराए (Total Fare) से 10% की कटौती की जाएगी। यह राशि कंपनी द्वारा काटी जाएगी और यात्री को अगली बुकिंग में कुछ रियायत (डिस्काउंट) के रूप में दी जाएगी। यह नियम ड्राइवरों की मनमानी रोकने और यात्रियों को परेशानी से बचाने के लिए लाया गया है। पहले कई शिकायतें आती थीं कि ड्राइवर राइड स्वीकार कर लेते हैं और फिर कैंसिल कर देते हैं, जिससे यात्री को नई राइड बुक करनी पड़ती थी।
यात्री द्वारा राइड कैंसिल पर जुर्माना
दूसरी तरफ, अगर यात्री राइड बुक करने के बाद बिना वजह कैंसिल करता है, तो उससे किराए का 10% या अधिकतम 100 रुपये तक वसूला जाएगा। यह राशि अगली बुकिंग में कटौती के रूप में ली जाएगी। प्रस्ताव में दोनों पक्षों (ड्राइवर और यात्री) के लिए संतुलित नियम बनाए गए हैं, ताकि कोई भी पक्ष मनमानी न कर सके।
अन्य प्रमुख प्रावधान और उद्देश्य
नियमावली में ऐप-बेस्ड सेवाओं को नियंत्रित करने के कई प्रावधान हैं:
- कंपनियों को राज्य में रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा।
- ड्राइवरों का पुलिस वेरिफिकेशन, मेडिकल टेस्ट और फिटनेस चेक जरूरी।
- यात्रियों की सुरक्षा के लिए ट्रैकिंग, इमरजेंसी बटन और बीमा जैसे इंतजाम।
- डिलीवरी सेवाओं पर भी समान नियम लागू होंगे। यह प्रस्ताव केंद्र सरकार की Motor Vehicle Aggregator Guidelines से प्रेरित है, लेकिन यूपी ने इसे राज्य स्तर पर लागू करने का फैसला लिया है। उद्देश्य है यात्रियों को बेहतर सेवा, कम शिकायतें और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करना।
30 दिनों में सुझाव मांगे गए
परिवहन विभाग ने इस प्रस्ताव पर आम जनता, ड्राइवर यूनियन, Ola-Uber जैसी कंपनियों और अन्य संबंधित पक्षों से 30 दिनों के भीतर आपत्तियां और सुझाव मांगे हैं। सुझाव ईमेल या लिखित रूप में भेजे जा सकते हैं। इसके बाद अंतिम नियमावली जारी होगी और लागू हो जाएगी।
यात्रियों और ड्राइवरों के लिए फायदे
- यात्रियों को: राइड कैंसिल की समस्या कम होगी, समय की बचत और डिस्काउंट मिलेगा।
- ड्राइवरों को: वैध कारण बताकर कैंसिल कर सकते हैं, मनमानी रोकने से अच्छे रेटिंग मिलेंगे।
- यह नियम यूपी में ऐप-बेस्ड सेवाओं को और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।
यूपी सरकार Ola-Uber जैसी सेवाओं पर सख्त नियम लाकर यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता दे रही है।
बिना वजह राइड कैंसिल पर 10% जुर्माना दोनों पक्षों के लिए संतुलित है। 30 दिनों में सुझाव भेजकर आप भी
इसमें योगदान दे सकते हैं। यह बदलाव आने वाले समय में यात्रा अनुभव को बेहतर बनाएगा।
