उत्तर प्रदेश के संभल जिले में रमजान के आखिरी शुक्रवार यानी अलविदा जुमे की नमाज को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। जामा मस्जिद में बड़ी संख्या में नमाजियों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। जिला प्रशासन और पुलिस ने मिलकर पूरे इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए हैं।
अलविदा जुमे की नमाज इस्लाम धर्म में विशेष महत्व रखती है और रमजान के आखिरी शुक्रवार को हजारों लोग मस्जिदों में इकट्ठा होकर नमाज अदा करते हैं। इसी वजह से संभल की जामा मस्जिद और आसपास के इलाकों में पुलिस की चौकसी बढ़ा दी गई है।
तीन कंपनी PAC तैनात, चप्पे-चप्पे पर पुलिस
प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए तीन कंपनी पीएसी (प्रांतीय सशस्त्र बल) की तैनाती की है। इसके अलावा स्थानीय पुलिस, खुफिया एजेंसियों और प्रशासनिक अधिकारियों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।मस्जिद के आसपास बैरिकेडिंग की गई है और आने-जाने वाले लोगों की निगरानी की जा रही है।
ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी कैमरों के जरिए भी पूरे इलाके पर नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी तरह की अफवाह या असामाजिक गतिविधि को तुरंत रोका जा सके।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा के ये इंतजाम पूरी तरह एहतियात के तौर पर किए गए हैं ताकि नमाज शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।
ईरान के समर्थन में प्रदर्शन पर प्रशासन की सख्त मनाही
प्रशासन ने साफ तौर पर निर्देश जारी किए हैं कि नमाज के बाद किसी भी प्रकार का राजनीतिक या अंतरराष्ट्रीय मुद्दों से जुड़ा प्रदर्शन नहीं किया जाएगा। खास तौर पर ईरान के समर्थन में प्रदर्शन की खबरों को देखते हुए पुलिस ने इस पर सख्त रोक लगा दी है।
अधिकारियों का कहना है कि किसी भी प्रकार की रैली, नारेबाजी या विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जाएगी। अगर कोई ऐसा करने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे धार्मिक कार्यक्रम को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न होने दें और किसी भी तरह की अफवाह या भड़काऊ गतिविधियों से दूर रहें।
शांति बनाए रखने की अपील
प्रशासन और स्थानीय धार्मिक नेताओं ने भी लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। उनका कहना है कि अलविदा जुमे की नमाज भाईचारे और शांति का संदेश देती है, इसलिए इसे शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न होना चाहिए।
स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने बताया कि संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और सोशल मीडिया पर भी नजर रखी जा रही है। किसी भी तरह की भ्रामक खबर या अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अलविदा जुमे की नमाज का धार्मिक महत्व
रमजान का महीना इस्लाम धर्म में बेहद पवित्र माना जाता है। इस महीने में रोजा रखा जाता है और विशेष इबादत की जाती है। रमजान के आखिरी शुक्रवार को पढ़ी जाने वाली नमाज को अलविदा जुम्मा कहा जाता है।
इस दिन मस्जिदों में बड़ी संख्या में लोग नमाज अदा करने के लिए पहुंचते हैं। लोग अल्लाह से दुआ करते हैं और पूरे महीने की इबादत को कबूल करने की प्रार्थना करते हैं। यही वजह है कि इस दिन मस्जिदों में विशेष भीड़ देखने को मिलती है।
