गोरखपुर-लखनऊ हाईवे पर गीडा
गोरखपुर में Gida क्षेत्र में गुरुवार को ट्रैफिक जाम की समस्या ने लोगों को परेशान कर दिया। गोरखपुर-लखनऊ हाईवे पर जिगिना चौराहे के पास अंडरपास में वाहनों के बेतरतीब तरीके से प्रवेश करने के कारण लंबी कतारें लग गईं।
स्थानीय लोगों और राहगीरों ने बताया कि जाम के कारण लगभग एक किमी की दूरी तय करने में एक घंटा से ज्यादा समय लग गया। पुलिस की सक्रियता से स्थिति नियंत्रण में आई और जाम से कुछ राहत मिली।
अंडरपास में गाड़ियों की अव्यवस्था
जिगिना चौराहे के अंडरपास में दोनों तरफ से गाड़ियां आ रही थीं। इसके चलते सहालग (सिग्नल या मार्ग की स्थिति) में भी परेशानी हुई और अंडरपास में वाहनों की संख्या बढ़ गई।
स्थानीय प्रशासन ने बताया कि अंडरपास में गाड़ियों की बेतरतीब खड़ी होने और मार्ग में रुकावट के कारण हाईवे पर जाम लग गया। इसी बीच एक वीआईपी की गाड़ी भी जाम में फंस गई, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई।
पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभाला और वाहनों को व्यवस्थित करना शुरू किया। धीरे-धीरे जाम से राहत मिली और वाहनों की रफ्तार सामान्य हुई।
हाईवे पर लगी लंबी कतारें
घटनास्थल पर हाईवे पर लगभग एक किमी लंबी कतारें लगीं। यात्रियों ने बताया कि
एक किमी की दूरी तय करने में उन्हें लगभग एक घंटा का समय लग गया।
स्थानीय लोगों ने कहा कि अंडरपास के दोनों तरफ वाहनों की लगातार आवाजाही और
वाहनों की असमय में प्रवेश के कारण यह जाम उत्पन्न हुआ।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के जाम से बचने के लिए अंडरपास में
ट्रैफिक संकेत और मार्गदर्शन व्यवस्था और सख्त करनी होगी।
पुलिस की सक्रियता से मिली राहत
जाम के समय पुलिसकर्मियों ने मोर्चा संभाला और वाहनों को व्यवस्थित किया। अंडरपास में
वाहनों की गति को नियंत्रित किया गया और हाईवे पर आने-जाने वाले वाहनों को धीरे-धीरे आगे बढ़ाया गया।
इसके बाद जाम में धीरे-धीरे कमी आई और वाहनों की आवाजाही सामान्य हुई। अधिकारियों ने कहा कि भविष्य में
ऐसी समस्याओं को रोकने के लिए अंडरपास पर विशेष निगरानी और ट्रैफिक प्रबंधन किया जाएगा।
लोगों को मिली राहत और आगे की योजना
घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने यात्रियों से अपील की कि अंडरपास में सावधानी से
ड्राइव करें और मार्ग पर बेतरतीब खड़े होने से बचें।
साथ ही कहा गया कि हाईवे पर ऐसे जाम की स्थिति को रोकने के लिए अंडरपास पर
ट्रैफिक पुलिस की ड्यूटी और मार्गदर्शन को और मजबूत किया जाएगा।
स्थानीय यातायात विशेषज्ञों का कहना है कि गोरखपुर-लखनऊ हाईवे पर अंडरपास का
सही तरीके से प्रबंधन न होने से अक्सर जाम की समस्या सामने आती रहती है।
इसके लिए बेहतर ट्रैफिक सिग्नल, रोड मार्किंग और पुलिस निगरानी जरूरी है।
