गोरखपुर के चौरीचौरा क्षेत्र
उत्तर प्रदेश में बिजली विभाग से जुड़ी एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। Chauri Chaura इलाके में चोरों ने करीब तीन किलोमीटर लंबी बिजली लाइन ही चोरी कर ली। इस दौरान बिजली के खंभे, तार और अन्य जरूरी उपकरण भी गायब कर दिए गए।
घटना का पता चलने के बाद बिजली विभाग में हड़कंप मच गया। विभाग की ओर से मामले में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है और पुलिस जांच शुरू कर दी गई है।
132 केवीए उपकेंद्र से जुड़ी थी लाइन
मिली जानकारी के अनुसार, 132 केवीए उपकेंद्र Shatrudhnpur Substation से निकलने वाली 33 केवीए बिजली लाइन Mundera Bazar उपकेंद्र तक बनाई गई थी।
हालांकि इस लाइन का कनेक्शन अभी 132 केवीए शत्रुध्नपुर उपकेंद्र से पूरी तरह नहीं जुड़ा था, जिसके कारण इस लाइन में बिजली आपूर्ति अभी शुरू नहीं हुई थी।
इसी का फायदा उठाकर चोरों ने पूरी लाइन को ही निशाना बना लिया और वहां लगे बिजली उपकरणों को चोरी कर लिया।
पेट्रोलिंग के दौरान सामने आया मामला
बिजली विभाग के कर्मचारियों को इस चोरी की जानकारी तब मिली जब पांच मार्च को लाइन की पेट्रोलिंग की गई।
पेट्रोलिंग के दौरान कर्मचारियों ने देखा कि करीब तीन किलोमीटर के दायरे में लगे कई बिजली उपकरण गायब हैं। जांच करने पर पता चला कि चोर बड़ी मात्रा में सामान उठा ले गए हैं।
विभाग के अनुसार चोरी हुए सामान में शामिल हैं:
- 20 बिजली के खंभे
- 19 स्पैन के डॉग कंडक्टर (लगभग 3 किलोमीटर तार)
- 24 पिन इंसुलेटर
- 6 क्रॉस आर्म
- करीब 10 मीटर केबल
- स्टील पाइप
इतनी बड़ी मात्रा में बिजली उपकरण चोरी होने से विभाग को भारी नुकसान हुआ है।
बिजली आपूर्ति पर पड़ सकता है असर
बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह लाइन भविष्य में क्षेत्र की बिजली आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण थी। अब उपकरण चोरी होने के कारण परियोजना को पूरा करने में देरी हो सकती है।
इसके साथ ही नए उपकरण लगाने और लाइन को दोबारा तैयार करने में अतिरिक्त खर्च और समय भी लगेगा।
इससे इलाके में बिजली आपूर्ति की योजना भी प्रभावित हो सकती है।
अज्ञात चोरों के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर
घटना सामने आने के बाद बिजली निगम ने एंटी पावर थेफ्ट थाने में
अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।
पुलिस अब इस मामले की जांच कर रही है और चोरी में शामिल आरोपियों की तलाश की जा रही है।
पुलिस का मानना है कि इतनी बड़ी मात्रा में बिजली उपकरण चोरी करने के पीछे किसी
संगठित गिरोह का हाथ हो सकता है। फिलहाल आसपास के क्षेत्रों में भी जांच की जा रही है।
विभाग ने बढ़ाई निगरानी
इस घटना के बाद बिजली विभाग ने अपनी निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने का फैसला किया है।
अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए
नियमित पेट्रोलिंग और सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त किया जाएगा।
स्थानीय लोगों से भी अपील की गई है कि यदि उन्हें किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो
तुरंत प्रशासन या बिजली विभाग को इसकी सूचना दें।
