टूटी सिलिंडर की आस: पीपीगंज गैस एजेंसी सील होने से वितरण ठप, उपभोक्ताओं ने किया जोरदार विरोध प्रदर्शन

पीपीगंज में गैस संकट: एजेंसी सील होने से उपभोक्ता भड़के, तेज धूप में लगी लंबी कतार

संभल जिले के पीपीगंज क्षेत्र में घरेलू रसोई गैस का संकट गहरा गया है। आशीष इंडियन गैस सर्विस एजेंसी के प्रोपराइटर पवन वर्मा के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई के बाद एजेंसी को सील कर दिया गया। इसके परिणामस्वरूप पूरे क्षेत्र में गैस वितरण पूरी तरह ठप हो गया। गुरुवार को स्थिति और बिगड़ गई जब सैकड़ों ग्रामीण सुबह से गैस लेने के लिए एजेंसी के बाहर जमा हो गए।

पीपीगंज सहित भरोहिया ब्लॉक के विभिन्न गांवों से महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे भी तेज धूप में लंबी कतार में खड़े रहे। कई घंटों तक इंतजार करने के बावजूद गैस नहीं मिली। उपभोक्ताओं को पहले आश्वासन दिया गया था कि वैकल्पिक व्यवस्था से गैस वितरण शुरू किया जाएगा, लेकिन करीब 22 घंटे बीत जाने के बाद भी कोई सुधार नहीं हुआ। इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

एजेंसी सील होने की वजह और प्रभावित क्षेत्र

प्रशासन ने आशीष इंडियन गैस सर्विस के खिलाफ नियमों के उल्लंघन को लेकर कार्रवाई की थी। एजेंसी सील होने के बाद क्षेत्र के हजारों उपभोक्ता प्रभावित हो गए हैं। पीपीगंज बाजार और आसपास के गांवों में जहां पहले नियमित रूप से सिलेंडर रिफिल होता था, अब वहां पूरा वितरण बंद है।

ग्रामीणों का कहना है कि उनके घरों में सिलेंडर खाली हो चुके हैं और खाना बनाने में भारी परेशानी हो रही है। कई परिवार चूल्हे-चौके पर लकड़ी या गोबर के उपले जलाने को मजबूर हैं। बुजुर्ग महिलाओं ने बताया कि वे घंटों कतार में खड़ी रहीं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। बच्चे भी तेज धूप में भूखे-प्यासे इंतजार करते रहे।

विरोध प्रदर्शन और ग्रामीणों का गुस्सा

जब लंबे इंतजार के बाद भी गैस वितरण शुरू नहीं हुआ तो उपभोक्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। सैकड़ों ग्रामीणों ने एजेंसी के बाहर नारेबाजी की और बैनर-तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मांग की कि तुरंत वैकल्पिक एजेंसी या अस्थायी व्यवस्था के जरिए गैस उपलब्ध कराई जाए।

कुछ ग्रामीणों ने कहा, “हमारे घरों में चूल्हा नहीं जल रहा, बच्चे भूखे हैं। एजेंसी सील करने से पहले वैकल्पिक इंतजाम क्यों नहीं किया गया?” प्रदर्शन के दौरान पुलिस भी मौके पर पहुंची और स्थिति को संभालने की कोशिश की। हालांकि, प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा

लेकिन ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो आंदोलन और तेज होगा।

प्रशासन की ओर से क्या कहा गया?

जिला गैस कंपनी और स्थानीय प्रशासन ने बताया कि एजेंसी सील होने के बाद वैकल्पिक

व्यवस्था पर काम चल रहा है। निकटवर्ती एजेंसियों से गैस रिफिल का इंतजाम किया जा रहा है।

एसडीएम और कोतवाल ने ग्रामीणों से बातचीत की और आश्वासन दिया कि 24-48 घंटे में स्थिति सामान्य हो जाएगी।

प्रशासन ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे धैर्य रखें और अफवाहों पर ध्यान न दें।

साथ ही प्रभावित परिवारों को अन्य एजेंसियों से संपर्क करने की सलाह दी गई है।

संकट का असर और आगे की चुनौतियां

यह घटना संभल जिले में गैस वितरण व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर करती है।

ग्रामीण क्षेत्रों में जहां वैकल्पिक एजेंसियां कम हैं, वहां एक एजेंसी के

बंद होने से हजारों परिवार प्रभावित हो जाते हैं। ग्रामीणों की मांग है कि

स्थायी समाधान निकाला जाए ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति न आए।

पीपीगंज और भरोहिया ब्लॉक के उपभोक्ता अब प्रशासन के अगले कदम का इंतजार कर रहे हैं।

अगर जल्द गैस वितरण शुरू नहीं हुआ तो विरोध और तेज होने की आशंका है।

यह मामला आम जनता की बुनियादी जरूरतों से जुड़ा है और इसे जल्द हल करने की जरूरत है।