सरकारी अस्पताल में मुफ्त इलाज का दावा बनाम जमीनी हकीकत
उत्तर प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में मुफ्त इलाज का दावा किया जाता है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और बयान करती है। गोरखपुर जिले के सहजनवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पर रेबीज इंजेक्शन लगाने के नाम पर कर्मचारियों द्वारा वसूली की घटना ने हड़कंप मचा दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में साफ दिख रहा है कि मरीजों से 20 से 50 रुपये तक उगाही की जा रही है। यह वीडियो मंगलवार का है, जब ग्रामीण क्षेत्रों से लोग कुत्ते के काटने के बाद इलाज के लिए पहुंचे थे।
रेबीज इंजेक्शन वसूली: कैसे हो रही उगाही?
सहजनवा सीएचसी पर पहुंचे मरीजों का अनुभव दर्दनाक है। एक ग्रामीण ने बताया, “कुत्ता काटा तो डर लग रहा था। इंजेक्शन मुफ्त है, लेकिन कर्मचारी ने 30 रुपये मांगे। पैसे न दें तो इंजेक्शन नहीं लगाते।” वीडियो में स्वास्थ्यकर्मी साफ-साफ पैसे लेते नजर आ रहे हैं। रेबीज एक घातक बीमारी है, जिसका समय पर इलाज न हो तो जानलेवा साबित हो सकती है। केंद्र सरकार और राज्य सरकार की ‘आयुष्मान भारत’ जैसी योजनाओं के तहत रेबीज वैक्सीन मुफ्त उपलब्ध है, लेकिन सहजनवा जैसे ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों पर वसूली की खबरें आम हो गई हैं।
यह घटना गोरखपुर जिले के अन्य सीएचसी और पीएचसी में भी दोहराई जा रही है। पिछले कुछ महीनों में सोशल मीडिया पर ऐसी कई वीडियो वायरल हो चुकी हैं, जहां डॉक्टरों और नर्सों पर पैसे वसूलने के आरोप लगे हैं। सहजनवा सीएचसी रेबीज इंजेक्शन वसूली मामले ने स्थानीय लोगों में आक्रोश पैदा कर दिया है। गरीब परिवार, जो पहले ही आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं, अब स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए भी लुट रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग की प्रतिक्रिया और जांच की मांग
वीडियो वायरल होते ही सहजनवा सीएचसी में हड़कंप मच गया। अधीक्षक ब्यास कुशवाहा ने कहा, “अस्पताल में किसी भी सुविधा के लिए धन नहीं लगता है। किसी कर्मचारी पर धन लेने का आरोप है तो इसकी लिखित शिकायत मिलने पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।” हालांकि, मरीजों का आरोप है कि मौखिक शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता।
जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को अब तत्काल जांच करनी चाहिए।
सीएमओ गोरखपुर को इस मामले में विशेष टीम गठित कर वसूली करने वाले
कर्मचारियों के खिलाफ एक्शन लेना होगा। पूर्व में ऐसे मामलों में सस्पेंड और जुर्माना लगाया गया है।
सहजनवा सीएचसी रेबीज इंजेक्शन वसूली को रोकने के लिए
सीसीटीवी कैमरे लगाने और शिकायत पोर्टल सक्रिय करने की जरूरत है।
गरीबों का शोषण रोकने के उपाय
सरकारी अस्पताल वसूली की यह घटना पूरे सूबे के लिए शर्मनाक है।
सरकार की मेहनत बेकार जा रही है। ग्रामीणों को जागरूक रहना होगा और वसूली के
खिलाफ वीडियो बनाकर शेयर करें। साथ ही, 1080 हेल्पलाइन या टोल-फ्री नंबर पर
शिकायत दर्ज कराएं। सहजनवा जैसे क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को
मजबूत करने के लिए नियमित ऑडिट जरूरी है। केवल तभी गरीबों को सच्चा न्याय मिलेगा।
यह मामला गोरखपुर स्वास्थ्य घोटाले का एक उदाहरण है। अगर समय रहते कार्रवाई न हुई तो ऐसी
वसूली बढ़ती जाएगी। स्थानीय विधायक और सांसद भी इस पर बोलें।
