हरि सहाय पी.जी. कॉलेज
राजेश दीक्षित की रिपोर्ट
बेलघाट। पण्डित हरि सहाय पी.जी. कॉलेज, जैंती-बेलघाट में आयोजित राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के सात दिवसीय विशेष शिविर का समापन समारोह पूरे उत्साह और गरिमा के साथ संपन्न हुआ। इस दौरान स्वयंसेवकों ने शिविर में किए गए विभिन्न सामाजिक कार्यों—स्वच्छता अभियान, जनजागरूकता कार्यक्रम, स्वास्थ्य शिक्षा और ग्रामीण विकास गतिविधियों—का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। शिविर का मुख्य उद्देश्य युवाओं में सामाजिक उत्तरदायित्व, सेवा भावना, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता का विकास करना था, जिसे स्वयंसेवकों ने सफलतापूर्वक पूरा किया। समापन अवसर पर सभी ने समाज सेवा को जीवन का अभिन्न अंग बनाने का दृढ़ संकल्प लिया।
मुख्य अतिथि का संबोधन: युवा शक्ति से सकारात्मक बदलाव संभव
समापन समारोह के मुख्य अतिथि प्राथमिक शिक्षक संघ बेलघाट के अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी ने अपने प्रेरक संबोधन में कहा कि एनएसएस युवाओं को समाज से जोड़ने का सबसे सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा, “यदि युवा शक्ति समाज सेवा के कार्यों में सक्रिय हो जाए तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन अवश्यंभावी है।” उन्होंने शिविर के दौरान चलाए गए स्वच्छता अभियान, नशामुक्ति जागरूकता, शिक्षा और स्वास्थ्य संबंधी कार्यक्रमों की जमकर सराहना की। चौधरी जी ने जोर देकर कहा कि ऐसे शिविर विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनाते हैं।
विशिष्ट अतिथि डॉ. रोहित चौहान ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना युवाओं में अनुशासन, सहयोग और सेवा की भावना विकसित करती है। उन्होंने स्वयंसेवकों से अपील की कि शिविर की सीमा तक सेवा भावना को सीमित न रखें, बल्कि इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं। मनिकापार के पूर्व प्रधान अरुण दुबे ने ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता फैलाने में युवाओं की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया और एनएसएस जैसे कार्यक्रमों को समाज में सकारात्मक बदलाव का माध्यम माना।
प्राचार्य का अध्यक्षीय संबोधन और शिविर की उपलब्धियां
कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सर्वेश दूबे ने की। अपने संबोधन में उन्होंने बताया कि एनएसएस का मुख्य लक्ष्य युवाओं में सेवा, सहयोग और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना जगाना है। सात दिवसीय शिविर में स्वयंसेवकों ने गांव-गांव जाकर स्वच्छता अभियान चलाया, लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य, नशामुक्ति और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया। प्राचार्य ने सभी स्वयंसेवकों को उनके उत्साहपूर्ण योगदान के लिए बधाई दी और कहा कि ऐसे अनुभव जीवन भर याद रहते हैं।
समारोह में डॉ. सचिंद्र कुमार, डॉ. इकबाल अहमद खान, डॉ. हरिश्चंद्र सिंह, रत्नाकर पांडेय, मृत्युंजय त्रिपाठी, दिनेश शुक्ल,
संतोष मिश्र और संतोष श्रीवास्तव सहित कई शिक्षक और समाजसेवी उपस्थित रहे। स्वयंसेवकों में निखिल मिश्र,
आकाश, नरगिस, महिमा, निधि और कामिनी शुक्ला प्रमुख थे।

पुरस्कार वितरण और सांस्कृतिक प्रस्तुति
इस अवसर पर सर्वश्रेष्ठ स्वयंसेवक का पुरस्कार आकाश चौहान को और सर्वश्रेष्ठ स्वयंसेविका का पुरस्कार
कामिनी शुक्ला को प्रदान किया गया। स्वयंसेवकों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए, जिसमें देशभक्ति गीत, नुक्कड़ नाटक और
जागरूकता आधारित प्रस्तुतियां शामिल रहीं। स्वयंसेवकों ने साझा किया कि शिविर ने उन्हें समाज की वास्तविक
समस्याओं को समझने और उनके समाधान के लिए कार्य करने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम का आभार ज्ञापन कार्यक्रम अधिकारी डॉ. कौशल कुमार पाठक ने किया। राष्ट्रगान के साथ समारोह का समापन हुआ।
सेवा भावना का निरंतर प्रसार
यह सात दिवसीय एनएसएस विशेष शिविर न केवल जागरूकता फैलाने में सफल रहा,
बल्कि युवाओं में समाज सेवा का मजबूत संकल्प भी जगाया। यदि ऐसे प्रयास निरंतर जारी रहे तो
ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
राजेश दीक्षित की यह रिपोर्ट बेलघाट क्षेत्र के युवाओं की समाजप्रेमी छवि को उजागर करती है।
