युवा शक्ति के संकल्प से नशामुक्त
“गोरखपुर से राकेश शर्मा की रिपोर्ट”
नशामुक्त समाज की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम
गोरखपुर के पण्डित हरिसहाय पी.जी. कॉलेज, जैती-बेलघाट में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के सात दिवसीय विशेष शिविर का छठा दिन नशामुक्ति जागरूकता कार्यक्रम के रूप में समर्पित रहा। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं और आमजन को नशे की भयावह बुराइयों से अवगत कराना तथा एक स्वस्थ, जागरूक और जिम्मेदार समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करना था। युवा शक्ति को केंद्र में रखकर आयोजित इस कार्यक्रम ने समाज से नशे को जड़ से उखाड़ फेंकने का मजबूत संदेश दिया।
मुख्य अतिथि उमेश दूबे का संबोधन: युवाओं से दृढ़ संकल्प की अपील
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पण्डित हरिसहाय शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान, जैती-बेलघाट, गोरखपुर के प्राचार्य उमेश दूबे ने अपने प्रभावशाली संबोधन में कहा कि नशा व्यक्ति के जीवन को धीरे-धीरे बर्बादी की ओर ले जाता है। नशे के कारण व्यक्ति का शारीरिक स्वास्थ्य बुरी तरह प्रभावित होता है, आर्थिक स्थिति कमजोर पड़ती है और परिवार में तनाव, कलह तथा विघटन का माहौल बन जाता है।
उन्होंने युवा वर्ग से अपील की कि वे नशे से पूरी तरह दूर रहें और अपनी ऊर्जा को शिक्षा, संस्कार, खेलकूद तथा सामाजिक सेवा जैसे सकारात्मक कार्यों में लगाएं। प्राचार्य उमेश दूबे ने जोर देकर कहा, “यदि युवा वर्ग दृढ़ संकल्प कर ले तो समाज से नशे जैसी इस घातक बुराई को पूरी तरह समाप्त किया जा सकता है।” उनका यह संदेश युवाओं में नई ऊर्जा भरने वाला साबित हुआ।
मुख्य वक्ता डॉ. कमला कान्त मिश्र की बातें: नशे के बहुआयामी प्रभाव
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. कमला कान्त मिश्र ने विस्तार से बताया कि नशा व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक जीवन पर गहरा नकारात्मक प्रभाव डालता है। नशे की लत धीरे-धीरे व्यक्ति की कार्यक्षमता को नष्ट कर देती है, उसे समाज से अलग-थलग कर देती है और कई बार अपराध की ओर भी धकेल देती है।
उन्होंने एनएसएस स्वयंसेवकों से आह्वान किया कि वे गांव-गांव जाकर लोगों को नशे के दुष्परिणामों के बारे में जागरूक करें। डॉ. मिश्र ने कहा कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए युवाओं की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
अन्य वक्ताओं के विचार: सामूहिक प्रयास की जरूरत
कार्यक्रम में अन्य वक्ताओं ने भी नशामुक्त समाज की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने बताया कि नशा समाज की प्रगति में सबसे बड़ी बाधा है। यदि समाज को स्वस्थ और समृद्ध बनाना है तो नशे जैसी बुराइयों को जड़ से समाप्त करना होगा।
इसके लिए परिवार, विद्यालय, कॉलेज और पूरे समाज को मिलकर प्रयास करना जरूरी है,
ताकि नई पीढ़ी को नशे की लत से बचाया जा सके।

गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति और स्वयंसेवकों का उत्साह
कार्यक्रम में उमेश शुक्ला, इकबाल अहमद, हरिश्चंद्र सिंह, सुचीन्द्र कुमार, संतोष मिश्र,
संतोष श्रीवास्तव तथा दिनेश शुक्ला सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
सभी ने अपने विचारों से नशामुक्त समाज के निर्माण में जागरूकता की भूमिका पर जोर दिया।
एनएसएस स्वयंसेवकों ने भी पूरे उत्साह से भाग लिया। स्वयंसेवक निखिल मिश्र, आकाश,
संयोगिता, नरगिस सहित अन्य प्रतिभागियों ने समाज में नशामुक्ति का
संदेश फैलाने का दृढ़ संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि वे अपने आसपास के लोगों को
नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करेंगे और इस जागरूकता अभियान को निरंतर आगे बढ़ाएंगे।
समापन: सामूहिक संकल्प और भविष्य की दिशा
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए सामूहिक संकल्प लिया।
कार्यक्रम का सुंदर संचालन स्वयंसेविका कामिनी शुक्ला ने किया।
यह शिविर न केवल जागरूकता फैलाने में सफल रहा बल्कि युवाओं में नशे के खिलाफ
एक मजबूत संकल्प भी जगाया। यदि ऐसे प्रयास निरंतर जारी रहे तो
निश्चित रूप से युवा शक्ति के संकल्प से एक नशामुक्त समाज का निर्माण संभव है।
