मुरादाबाद में
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध का सीधा असर घरेलू और व्यावसायिक गैस आपूर्ति पर पड़ रहा है। इंडियन गैस सर्विस ने 19 किग्रा वाले कॉमर्शियल एलपीजी सिलिंडर की सप्लाई फिलहाल रोक दी है। इस फैसले से शहर के होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे और स्ट्रीट फूड वेंडरों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है। घरेलू सिलिंडर की डिलीवरी भी अब 25 से 30 दिन बाद होगी, जो पहले 2-3 दिन में मिल जाता था।
इंडियन गैस सर्विस का फैसला और मीटिंग
सोमवार को इंडियन गैस सर्विस से जुड़े एजेंसी संचालकों की ऑनलाइन मीटिंग में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। वैश्विक युद्ध की स्थिति को देखते हुए कंपनी ने कॉमर्शियल सिलिंडर की आपूर्ति बंद करने का ऐलान किया। इसके बजाय होटलों और रेस्टोरेंटों को घरेलू सिलिंडर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। हालांकि यह रोक अभी केवल इंडियन गैस सर्विस की तरफ से लगाई गई है। अन्य गैस कंपनियां (जैसे भारत गैस, एचपी गैस) ने अभी ऐसा कोई फैसला नहीं लिया है। लेकिन यदि वे भी यही रास्ता अपनाते हैं तो संकट और गहरा सकता है।
प्रभावित क्षेत्र और संख्या
मुरादाबाद शहर में 200 से ज्यादा छोटे-बड़े होटल और रेस्टोरेंट हैं, जहां किचन मुख्य रूप से 19 किग्रा कॉमर्शियल सिलिंडर पर चलते हैं। कुछ बड़े होटलों में पीएनजी कनेक्शन है, लेकिन अधिकांश छोटे-मध्यम व्यवसायी कॉमर्शियल सिलिंडर पर निर्भर हैं। इसके अलावा शहर में 5,000 से ज्यादा स्ट्रीट फूड वेंडर हैं—चाट, समोसा, मोमोज, फास्ट फूड, चाय-नाश्ते के ठेले आदि। इनमें से ज्यादातर कॉमर्शियल या घरेलू सिलिंडर इस्तेमाल करते हैं। अब जब कॉमर्शियल सप्लाई रुकी है तो ये सभी घरेलू सिलिंडर पर निर्भर हो जाएंगे, जिससे घरेलू गैस की मांग अचानक बढ़ जाएगी।
घरेलू सिलिंडर पर क्या असर?
युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल और गैस की कीमतें प्रभावित हैं। इससे इंडियन गैस सर्विस ने घरेलू बुकिंग की अवधि बढ़ा दी है। पहले बुकिंग के दूसरे या तीसरे दिन सिलिंडर मिल जाता था, लेकिन अब 25-30 दिन का इंतजार करना पड़ सकता है। यह स्थिति आम घरों के साथ-साथ उन होटलों और स्ट्रीट वेंडरों के लिए भी मुश्किल पैदा करेगी, जो अब घरेलू सिलिंडर पर शिफ्ट हो रहे हैं। यदि अन्य एजेंसियां भी कॉमर्शियल सप्लाई रोकती हैं तो घरेलू सिलिंडर की किल्लत और बढ़ सकती है।
शहर में संभावित परिणाम
- स्ट्रीट फूड वेंडरों को चूल्हा बंद करने या महंगे विकल्प अपनाने पड़ सकते हैं।
- छोटे रेस्टोरेंट और ढाबों में खाना बनाना मुश्किल हो जाएगा, जिससे ग्राहकों की संख्या घट सकती है।
- बाहर खाना खाने वाले छात्र, नौकरीपेशा और मजदूर प्रभावित होंगे।
- यदि संकट लंबा चला तो कई छोटे व्यवसाय बंद होने की कगार पर पहुंच सकते हैं।
क्या कह रहे हैं एजेंसी संचालक?
एजेंसी संचालकों का कहना है कि यह फैसला वैश्विक युद्ध की अनिश्चितता और
घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने के लिए लिया गया है। स्थिति सामान्य होने पर सप्लाई बहाल की जाएगी।
फिलहाल लोगों से धैर्य रखने और आवश्यकता अनुसार बुकिंग करने की अपील की गई है।
मुरादाबाद में यह गैस संकट स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजमर्रा की जिंदगी को
प्रभावित कर रहा है। प्रशासन और गैस कंपनियों को जल्द ही संतुलित
व्यवस्था करने की जरूरत है ताकि आम आदमी और छोटे व्यवसायी परेशान न हों
