गोरखपुर के गीडा
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में पुलिस ने धोखाधड़ी और जमीन हड़पने के मामलों पर सख्त कार्रवाई तेज कर दी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत गीडा थाना पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी अब्दुल कलाम पुत्र मुमताज अली उर्फ मिठाई, मूल निवासी हरैया थाना गीडा, वर्तमान पता रानीडीहा थाना कैंट जनपद गोरखपुर को गिरफ्तार किया गया। यह गिरफ्तारी थाना गीडा पर दर्ज मुकदमा संख्या 517/2024 के तहत हुई, जिसमें धारा 419, 420, 467, 468, 471, 504, 506 और 120B भारतीय न्याय संहिता (भादंसं) शामिल हैं।
घटना का पूरा विवरण और आरोपी का आरोप
वादी ने थाना गीडा पर तहरीर दी कि आरोपी ने कूटरचित (फर्जी) दस्तावेज तैयार किए। इसमें वादी के मृतक भाई और पिता के अवैध हस्ताक्षर बनाकर पैतृक तथा बैनामा सुधा जमीन को दूसरे व्यक्ति के नाम हस्तांतरित करा दिया। जब वादी खेती करने के लिए जमीन पर पहुंचा, तो आरोपी और उसके साथियों ने एकजुट होकर गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। इस आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने जांच के दौरान अब्दुल कलाम को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी फर्जी सुलहनामा (settlement deed) बनाकर जमीन हड़पने में शामिल था, जिसमें मृतकों को जिंदा दिखाकर हस्ताक्षर जालसाजी की गई।
गिरफ्तारी अभियान और पुलिस टीम
यह गिरफ्तारी पुलिस अधीक्षक उत्तरी के मार्गदर्शन में सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी गीडा के पर्यवेक्षण में हुई। टीम का नेतृत्व प्रभारी निरीक्षक अश्वनी पाण्डेय ने किया। टीम में शामिल थे:
- प्रभारी निरीक्षक अश्वनी पाण्डेय, थाना गीडा
- उप निरीक्षक कमलेश प्रताप सिंह, थाना गीडा
- हेड कांस्टेबल रमेश जोशी, थाना गीडा
- कांस्टेबल राजीव गौड़, थाना गीडा
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर अग्रिम विधिक कार्यवाही शुरू कर दी है। आरोपी को कोर्ट में पेश किया जाएगा और आगे की जांच जारी है।
गोरखपुर में जमीन फ्रॉड पर पुलिस की सख्ती
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर ने धोखाधड़ी के अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया है। फर्जी दस्तावेज, जालसाजी और जमीन हड़पने के कई मामले सामने आए हैं, जहां मृतकों के नाम पर फर्जी हस्ताक्षर कर ट्रांसफर किया जाता है।
गीडा थाना पुलिस ने इस मामले में तेजी से कार्रवाई कर आरोपी को पकड़ा।
यह गिरफ्तारी स्थानीय लोगों में राहत की खबर है और जमीन मालिकों के लिए सुरक्षा का संदेश है।
ऐसे मामलों में क्या सावधानियां बरतें?
जमीन संबंधी दस्तावेजों की जांच सावधानी से करवाएं। रजिस्ट्री से पहले सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में
सत्यापन जरूरी है। फर्जी हस्ताक्षर या कूटरचित कागजात से बचाव के लिए पुलिस और कानूनी सलाह लें।
गोरखपुर पुलिस का यह अभियान अपराधियों पर दबाव बढ़ा रहा है और
भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने में मददगार साबित होगा।
पुलिस ने लोगों से ऐसे मामलों में तुरंत सूचना देने की अपील की है।
यह घटना गोरखपुर में कानून व्यवस्था और संपत्ति सुरक्षा पर जोर देती है
