योगी सरकार की कैबिनेट बैठक
योगी सरकार की अहम कैबिनेट बैठक आज: 27 प्रस्तावों पर मुहर की उम्मीद
उत्तर प्रदेश में आज (10 मार्च 2026) मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक हो रही है। इस बैठक में कुल 27 प्रस्ताव रखे गए हैं, जिनमें निवेश, विकास परियोजनाएं, शिक्षा, परिवहन और भ्रष्टाचार नियंत्रण से जुड़े बड़े फैसले शामिल हैं। बैठक लखनऊ में हो रही है और कई विभागों जैसे आवास, स्टांप, औद्योगिक विकास, ऊर्जा, परिवहन और शिक्षा के प्रस्तावों पर चर्चा होगी। राज्य सरकार भ्रष्टाचार पर कड़ी नजर रखने के लिए सख्त कदम उठाने जा रही है, खासकर सरकारी कर्मचारियों के वित्तीय लेन-देन पर।
राज्य कर्मचारियों पर सख्ती: निवेश नियमों में बड़ा बदलाव
कार्मिक विभाग का एक प्रमुख प्रस्ताव कैबिनेट में रखा गया है, जिसमें उत्तर प्रदेश सरकारी कर्मचारियों की आचरण नियमावली, 1956 में संशोधन प्रस्तावित है। वर्तमान नियमों में स्टॉक, शेयर या अन्य निवेश से जुड़े सख्त प्रावधान नहीं हैं, लेकिन अब बदलाव आ रहा है। यदि कोई सरकारी कर्मचारी एक कैलेंडर वर्ष में छह माह के मूल वेतन से अधिक राशि स्टॉक, शेयर या अन्य निवेश माध्यमों में लगाता है, तो इसकी जानकारी देना अनिवार्य होगा।
इसके अलावा, यदि कोई कर्मचारी दो माह के मूल वेतन से अधिक मूल्य की चल संपत्ति से जुड़ा कोई लेन-देन करता है, तो उसे तत्काल संबंधित प्राधिकारी को सूचित करना होगा। पहले यह सीमा एक माह के मूल वेतन से अधिक की थी। यह बदलाव भ्रष्टाचार रोकने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए है। कर्मचारियों को अपनी और परिवार की संपत्तियों का पूरा ब्योरा देना होगा, जिसमें अर्जित, दान प्राप्त या पट्टे पर रखी संपत्तियां शामिल हैं।
अन्य प्रमुख प्रस्ताव और संभावित फैसले
बैठक में निवेश के क्षेत्र में बड़े फैसले आ सकते हैं, जैसे नई औद्योगिक परियोजनाएं, 12 हजार गांवों तक बस सेवा विस्तार, डेयरी प्लांट स्थापना और PAC के लिए नई गाड़ियां। उच्च शिक्षा विभाग के शिक्षकों को कैशलेस इलाज सुविधा मिल सकती है। पंचायत चुनाव से जुड़े मुद्दे, न्यायिक नियमावली संशोधन और अन्य विकास योजनाएं भी चर्चा में हैं।
सरकार का फोकस रोजगार सृजन, ग्रामीण विकास और भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन पर है।
भ्रष्टाचार नियंत्रण में योगी सरकार का सख्त रुख
योगी सरकार लगातार भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही है।
यह संशोधन सरकारी कर्मचारियों की वित्तीय गतिविधियों पर नजर रखने में मदद करेगा।
पहले हर पांच वर्ष में संपत्ति घोषणा होती थी, लेकिन अब नियमित और सख्त
मॉनिटरिंग होगी। मानव संपदा पोर्टल जैसे डिजिटल टूल्स से पहले ही संपत्ति विवरण लिया जा रहा है, और
अब निवेश पर अतिरिक्त बाध्यता से पारदर्शिता बढ़ेगी।
बैठक का महत्व और प्रभाव
यह कैबिनेट बैठक राज्य के विकास और प्रशासनिक सुधारों में मील का पत्थर साबित हो सकती है।
27 प्रस्तावों में से अधिकांश पर मुहर लगने की संभावना है, जो निवेशकों, कर्मचारियों और आम जनता को प्रभावित करेंगे।
भ्रष्टाचार रोकने के ये कदम योगी सरकार की प्रतिबद्धता दिखाते हैं।
बैठक के फैसलों पर नजर बनी हुई है, जो उत्तर प्रदेश की प्रगति को नई दिशा देंगे।
योगी कैबिनेट की यह बैठक राज्य के लिए कई सौगातें ला सकती है,
खासकर सख्त नियमों से ईमानदार प्रशासन मजबूत होगा।
Read this post :गोरखपुर को सौगात: हर ब्लॉक में दो-दो मिनी ग्रामीण स्टेडियम, मंत्री कमलेश पासवान के निर्देश से ग्रामीण खेल क्रांति
