नेपाल चुनाव
नेपाल के चुनाव में इस बार कौन सी पार्टियां मैदान में हैं?
नेपाल के चुनाव में इस बार कौन सी पार्टियां मैदान में हैं? इस चुनाव में प्रधानमंत्री पद के लिए कौन-कौन ताल ठोंक रहा है? इस चुनाव में मुद्दे क्या हैं? वह कौन सी सीटें हैं, जहां चुनाव पर पूरी दुनिया की नजर रहेगी? आइये जानते हैं…
नेपाल में गुरुवार (5 मार्च) को होने वाले चुनावों के लिए देश के सियासी दलों ने कमर कस ली है। सितंबर में जेन जेड की ओर से किए गए प्रदर्शनों के बाद अब यह पहला चुनाव है। एक ओर जहां इस चुनाव में कुछ नई पार्टियां युवाओं के वोटों को हासिल कर नेपाल की राजनीतिक पृष्ठभूमि को बदलने के लिए संघर्ष करेंगी तो कुछ पुराने दल इस चुनाव में अपनी वैधता की लड़ाई जारी रखेंगे। इनमें से कई पार्टियां तो अपना राष्ट्रीय दर्जा तक बचाने की जंग में होंगी।
मुख्य पार्टियां मैदान में हैं: नेपाली कांग्रेस (Nepali Congress), कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (यूनिफाइड मार्क्सिस्ट-लेनिनिस्ट) या CPN-UML, नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी (Nepali Communist Party), राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (Rastriya Swatantra Party या RSP), और राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी (Rastriya Prajatantra Party)। कुल 65 से अधिक पार्टियां चुनाव लड़ रही हैं, लेकिन ये मुख्य हैं जो संसद के 275 सीटों पर प्रभाव डालेंगी। नेपाली कांग्रेस और CPN-UML जैसे पारंपरिक दल युवा असंतोष का सामना कर रहे हैं, जबकि RSP जैसी नई पार्टियां युवाओं को आकर्षित कर रही हैं।
नेपाल चुनाव 2026 में प्रधानमंत्री पद के लिए मुकाबला: प्रमुख उम्मीदवार कौन?
इस चुनाव में प्रधानमंत्री पद के लिए मुख्य मुकाबला गगन कुमार थापा (नेपाली कांग्रेस), केपी शर्मा ओली (CPN-UML), पुष्प कमल दहाल ‘प्रचंड’ (नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी), और बालेंद्र शाह (RSP) के बीच है। गगन थापा, 49 वर्षीय नेपाली कांग्रेस के नए अध्यक्ष, सुधार और युवा अपील पर जोर दे रहे हैं। केपी शर्मा ओली, 74 वर्षीय पूर्व पीएम, अपनी साख बचाने की कोशिश में हैं, लेकिन जेन Z प्रदर्शनों के कारण उनकी लोकप्रियता घटी है। प्रचंड, 71 वर्षीय, अनुभवी नेता हैं लेकिन पुरानी पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करते हैं। बालेन शाह, 35 वर्षीय पूर्व रैपर और काठमांडू मेयर, युवाओं के बीच पॉपुलर हैं और बदलाव का प्रतीक हैं। ओली और बालेन शाह झापा-5 सीट से आमने-सामने हैं, जो चुनाव का हाई-प्रोफाइल मुकाबला है।
नेपाल चुनाव 2026 के मुख्य मुद्दे: भ्रष्टाचार से लेकर युवा सुधार तक
*नेपाल चुनाव 2026 में मुख्य मुद्दे भ्रष्टाचार, आर्थिक स्थिरता, युवा बेरोजगारी, और शासन सुधार हैं। सितंबर 2025 के जेन Z प्रदर्शनों ने भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन को जन्म दिया, जिसने केपी ओली सरकार को गिरा दिया। युवा मतदाता पुरानी राजनीतिक व्यवस्था से असंतुष्ट हैं और पारदर्शिता, रोजगार, और आर्थिक विकास की मांग कर रहे हैं। पार्टियां युवाओं को लुभाने के लिए सुधार वादे कर रही हैं। आर्थिक मुद्दे जैसे महंगाई, विदेशी निवेश, और जलवायु परिवर्तन भी प्रमुख हैं। RSP जैसी पार्टियां युवा मुद्दों पर फोकस कर रही हैं, जबकि पारंपरिक दल राष्ट्रीय विकास और सुरक्षा पर जोर दे रहे हैं।
नेपाल चुनाव पर दुनिया की नजर वाली प्रमुख सीटें
*नेपाल चुनाव में कुछ सीटें वैश्विक ध्यान आकर्षित कर रही हैं। झापा-5 सबसे हॉट सीट है, जहां केपी शर्मा ओली और बालेन शाह के बीच मुकाबला है – यह पुरानी vs नई राजनीति का प्रतीक है। काठमांडू क्षेत्र की सीटें, जहां युवा मतदाता बहुल हैं, बदलाव की संभावना दिखा रही हैं। पूर्वी नेपाल की सीटें जातीय और क्षेत्रीय मुद्दों के कारण महत्वपूर्ण हैं। कुल 275 सीटों में से 165 प्रत्यक्ष चुनाव से और बाकी आनुपातिक प्रतिनिधित्व से भरी जाएंगी। ये सीटें नेपाल की राजनीतिक दिशा तय करेंगी, खासकर जेन Z प्रभाव के बाद।
नेपाल चुनाव 2026 का महत्व: जेन Z प्रदर्शनों के बाद पहला टेस्ट
यह चुनाव 2025 के जेन Z प्रदर्शनों के बाद पहला बड़ा चुनाव है, जो नेपाल की राजनीति में
युवा भूमिका को परखेगा। 1.89 करोड़ मतदाताओं में युवा वोटर निर्णायक होंगे।
पार्टियां युवाओं को आकर्षित करने के लिए सोशल मीडिया और सुधार वादों पर
फोकस कर रही हैं। चुनाव में सुरक्षा के कड़े इंतजाम हैं, और
मतदान सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक होगा।
परिणाम आने पर नेपाल की नई सरकार का गठन होगा,
जो आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों से निपटेगी। दुनिया की नजर इस पर है कि क्या
युवा क्रांति सत्ता में आएगी या पुराने दल वापसी करेंगे।
