गोरखपुर खजनी होली हत्याकांड: पति ने फावड़े से काटी पत्नी की गर्दन, नाबालिग बेटा चश्मदीद

गोरखपुर खजनी होली हत्याकांड: होली की रात हुई खौफनाक वारदात

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के खजनी थाना क्षेत्र के ग्राम सभा डोडो अंतर्गत धाधूपर (अड़रिया टोला) में होली के पर्व पर मंगलवार-बुधवार की आधी रात करीब 1:30 बजे एक सनसनीखेज हत्याकांड ने इलाके को दहला दिया। लगभग 40 वर्षीय अशोक निषाद ने अपनी पत्नी नीलम देवी (उम्र 35-40 वर्ष) पर पहले कुल्हाड़ी से वार करने की कोशिश की, लेकिन धार न लगने पर फावड़े या कुदाल जैसे धारदार हथियार से ताबड़तोड़ प्रहार कर उसकी गर्दन और शरीर पर बर्बरता से काट डाला, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। यह घटना दंपति के बीच लंबे समय से चल रहे घरेलू विवाद और पति के पत्नी के चरित्र पर शक के कारण भड़की, जहां मामूली कहासुनी ने खूनी रूप ले लिया।

विवाद की जड़ और वारदात का पूरा विवरण

अशोक निषाद और नीलम का वैवाहिक जीवन पहले से ही तनावपूर्ण था, जहां पति बार-बार पत्नी पर अविश्वास जताता रहता था। होली की रात दोनों के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा इतना बढ़ गया कि अशोक गुस्से से पागल हो गया। उसने घर में रखी कुल्हाड़ी उठाई, लेकिन सही से वार न कर पाने पर पास पड़ा फावड़ा हाथ में ले लिया और पत्नी पर कई वार किए, जिससे खून की नदियां बहने लगीं। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आरोपी ने पत्नी के खून से होली तक खेलने जैसी बर्बरता दिखाई। इस वारदात को उनके नाबालिग बेटे ने अपनी आंखों से देखा; बच्चा डर के मारे चुप रहा, लेकिन बाद में पुलिस को पूरी घटना बयान की।

पुलिस कार्रवाई और आरोपी का सरेंडर

हत्या के बाद अशोक निषाद ने भागने की बजाय मौके पर ही बैठे रहना चुना और खुद मोबाइल से खजनी थाने को फोन कर घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची, आरोपी को हिरासत में लिया तथा शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रारंभिक जांच में हत्या का कारण घरेलू कलह और शक ही सामने आया है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया, जबकि चश्मदीद बेटे का बयान दर्ज किया गया। SSP गोरखपुर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए फास्ट ट्रैक जांच के आदेश दिए हैं।

परिजनों पर प्रभाव और सामाजिक संदेश

इस दिल दहला देने वाली घटना से गांव में शोक की लहर दौड़ गई।

दंपति के दो मासूम बच्चे अब अनाथ जैसे हो गए हैं,

जिनका भविष्य अनिश्चित है। पड़ोसियों ने बताया कि अशोक मजदूरी करता था और

परिवार आर्थिक रूप से कमजोर था। यह हत्याकांड महिलाओं के खिलाफ

घरेलू हिंसा की बढ़ती प्रवृत्ति को उजागर करता है, जहां छोटे-मोटे विवाद जानलेवा साबित हो रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि समय रहते काउंसलिंग और जागरूकता से ऐसी त्रासदियां रोकी जा सकती हैं।

गोरखपुर पुलिस ने होली के दौरान शांति भंग करने वालों पर नजर रखने के निर्देश जारी किए हैं।

यह घटना समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है कि घरेलू कलह को नजरअंदाज न किया जाए।

गोरखपुर खजनी होली हत्याकांड ने एक बार फिर महिलाओं की सुरक्षा और

परिवार में संवाद की जरूरत पर जोर दिया है।