उन्नाव जिले में
भीषण सड़क हादसा: एक्सप्रेसवे पर दो बसों की ट्रक से टक्कर
उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। सिरधरपुर और देवखरी गांव के पास सोमवार सुबह तेज रफ्तार आगरा फोर्ट डिपो की रोडवेज बस खड़े ट्रक से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस का आगे का हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इसके तुरंत बाद पीछे से आ रही मथुरा डिपो की दूसरी बस भी उसी ट्रक में भिड़ गई। हादसे में तीन यात्रियों की मौके पर मौत हो गई, जबकि दोनों बसों के कुल 31 यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए।
हादसे का विवरण: चालक को झपकी आने से बड़ा हादसा
हादसा सुबह करीब 7:35 बजे हुआ, जब होली की छुट्टियों में घर लौट रहे यात्री बसों में सवार थे। पुलिस के अनुसार, आगरा डिपो की बस चालक को झपकी आने से नियंत्रण खो बैठा और एक्सप्रेसवे पर खड़े ट्रक से टकरा गया। ट्रक किनारे खड़ा था, शायद टायर चेंज या ब्रेकडाउन के कारण। टक्कर के बाद दूसरी बस भी पीछे से आई और उसी ट्रक में जा घुसी। दोनों बसें यात्रियों से भरी हुई थीं, जिससे घायलों की संख्या बढ़ गई। हादसे में बसों का आगे का हिस्सा पूरी तरह तबाह हो गया।
घायलों का इलाज और मौत की पुष्टि
हादसे के तुरंत बाद पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय लोगों ने राहत कार्य शुरू किया। घायलों को बांगरमऊ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत वाले मरीजों को उन्नाव जिला अस्पताल रेफर किया गया। तीन यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में दो महिलाएं और एक पुरुष शामिल हैं। घायलों में कई की हालत गंभीर बताई जा रही है, कुछ के हाथ-पैर में गंभीर चोटें आई हैं। अस्पताल में डॉक्टरों की टीम लगातार इलाज कर रही है।
पुलिस जांच और कारण
उन्नाव पुलिस ने हादसे का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में चालक की लापरवाही और झपकी आने को मुख्य कारण बताया गया है। ट्रक चालक से भी पूछताछ की जा रही है कि वह एक्सप्रेसवे पर क्यों खड़ा था। एक्सप्रेसवे पर ओवरस्पीडिंग और ड्राइवर फटीग के कारण ऐसे हादसे आम हो गए हैं। पुलिस ने दोनों बसों और ट्रक को जब्त कर लिया है। यूपीडा (उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल
डेवलपमेंट अथॉरिटी) की टीम भी मौके पर पहुंची और जांच में सहयोग कर रही है।
सड़क सुरक्षा पर सवाल और मांगें
यह हादसा होली के समय घर लौट रहे यात्रियों के साथ हुआ, जिससे परिवारों में शोक की लहर है।
स्थानीय लोग और यात्री संगठन एक्सप्रेसवे पर स्पीड कैमरा,
बेहतर साइनेज और ड्राइवरों के लिए रेस्ट एरिया की मांग कर रहे हैं।
चालक फटीग और ओवरस्पीडिंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अपील की जा रही है।
यह घटना उत्तर प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं की बढ़ती संख्या को दर्शाती है,
जहां हर साल हजारों लोग अपनी जान गंवा रहे हैं।
प्रशासन से अपील है कि ऐसे हादसों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।