गोरखपुर बीआरडी मेडिकल कॉलेज
गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में बृहस्पतिवार दोपहर एक गंभीर घटना ने पूरे परिसर को हिला दिया। महिला सर्जरी वार्ड नंबर 4 में ड्यूटी पर तैनात पुरुष नर्स जयप्रकाश ने एक इंटर्न छात्र को बिना पूछे इंजेक्शन (दवा) ले जाने से रोका। नर्स ने कहा कि “अपने काम भर का सिरिंज में भरकर ले जाइए”, लेकिन इस बात पर इंटर्न छात्र आग बबूला हो गया। आरोप है कि उसने नर्स पर थप्पड़ जड़ दिया।
इसके बाद इंटर्न ने फोन कॉल करके अपने 20 से 25 साथी इंटर्न छात्रों को बुला लिया। सभी ने मिलकर नर्स जयप्रकाश की जमकर पिटाई कर दी। घटना ट्रॉमा सेंटर के इमरजेंसी सर्जरी सेक्शन में हुई, जहां मरीजों के बीच यह मारपीट हुई। नर्स को गंभीर चोटें आईं और उन्हें तुरंत इलाज के लिए भर्ती करना पड़ा।
अगले दिन भी जारी रहा प्रदर्शन, कर्मचारियों का समर्थन
शुक्रवार को नर्सिंग स्टाफ ने घटना के विरोध में पूरे दिन प्रदर्शन किया। नर्सिंग स्टाफ ने इंटर्न छात्र के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की और परिसर में नारे लगाए। प्रदर्शन में मेडिकल कॉलेज के अन्य कर्मचारी, पैरामेडिकल स्टाफ और कुछ डॉक्टर भी शामिल हो गए। हंगामा इतना बढ़ गया कि कॉलेज प्रशासन को स्थिति संभालने में मुश्किल हुई।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब इंटर्न छात्र स्टाफ के साथ बदसलूकी करते हैं। नर्सिंग स्टाफ ने मांग की कि आरोपी इंटर्न पर FIR दर्ज हो और उसे कॉलेज से निकाला जाए। वहीं, इंटर्न छात्रों के एक वर्ग ने भी अपना पक्ष रखने की कोशिश की, लेकिन मुख्य विवाद नर्स की पिटाई पर केंद्रित रहा।
प्रशासन की कार्रवाई: दोनों पक्षों को ड्यूटी से हटाया
बीआरडी मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित फैसला लिया। जांच पूरी होने तक आरोपी इंटर्न छात्र और पीड़ित स्टाफ नर्स जयप्रकाश दोनों को ड्यूटी से हटा दिया गया है। कॉलेज प्राचार्य ने एक जांच समिति गठित की है, जो घटना की पूरी जांच करेगी।
प्रशासन का कहना है कि दोनों पक्षों की बात सुनी जाएगी और दोषी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नर्सिंग स्टाफ ने इस फैसले का स्वागत किया है,
लेकिन मांग की है कि जांच निष्पक्ष हो और जल्द से जल्द नतीजे आएं।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में बढ़ते विवाद: स्टाफ और छात्रों में तनाव
बीआरडी मेडिकल कॉलेज पिछले कुछ समय से विवादों में रहा है। यहां स्टाफ और छात्रों के बीच तनाव की
कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इस घटना ने
एक बार फिर अस्पताल में कार्य संस्कृति और छात्रों के व्यवहार पर सवाल उठाए हैं
। नर्सिंग स्टाफ का कहना है कि इंटर्न छात्र अक्सर स्टाफ को
कम आंकते हैं और छोटी-छोटी बातों पर विवाद करते हैं।
यह मामला स्वास्थ्य सेवाओं में मानवीय संवेदनशीलता और अनुशासन की कमी को उजागर करता है।
गोरखपुर जैसे शहर में जहां मरीजों की संख्या बहुत ज्यादा है,
ऐसे विवाद मरीजों की देखभाल पर भी असर डाल सकते हैं।
प्रशासन ने स्थिति को शांत करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया है।
आगे की जांच से सच्चाई सामने आएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
फिलहाल परिसर में तनाव बना हुआ है।