
गोरखपुर के उपनगर बांसगांव में शुक्रवार सुबह एक मामूली जलनिकासी विवाद ने हिंसक रूप धारण कर लिया, जिसमें अधिवक्ता अग्निवेश सिंह (40 वर्ष) की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। घटना नगर पंचायत बांसगांव के वार्ड संख्या-9 में घटी, जहां मृतक के भाई नितिश सिंह एडवोकेट ने पुलिस को तहरीर देकर विपक्षी पक्ष पर हत्या का आरोप लगाया। इस झड़प में दूसरे पक्ष का युवक सौरभ सिंह भी सिर पर गंभीर चोट लगने से मेडिकल कालेज गोरखपुर में भर्ती है, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।
विवाद की शुरुआत और हिंसक हमला
सुबह करीब 9 बजे कस्बे के सौरभ सिंह (पुत्र संजय सिंह), संजय सिंह (पुत्र श्याम सुंदर सिंह), पूनम पत्नी संजय सिंह, प्रिंस और हिमांशु (पुत्रगण अजय सिंह) द्वारा नितिश सिंह की जमीन पर जबरदस्ती भूमिगत पाइपलाइन मुख्य नाले से जोड़ने का प्रयास किया गया। मृतक अग्निवेश सिंह मौके पर पहुंचे और नाली बनाने से मना किया, जिस पर आरोपी पक्ष ने लोहे के धारदार हथियार, रॉड, लाठी-डंडों से उनके सिर और शरीर पर हमला बोल दिया। अग्निवेश के शोर मचाने पर पिता सुनील सिंह, मां और भाई नितिश भी बचाव के लिए पहुंचे, लेकिन संजय और पूनम ने ललकारते हुए सभी पर हमला करवा दिया। नितिश की तहरीर के अनुसार, हमलावरों ने अग्निवेश को मारकर नाले में फेंक दिया, जिससे उनकी मौके पर मौत हो गई।
इस घटना ने पूरे बांसगांव में सनसनी फैला दी। सीएचसी बांसगांव पर अधिवक्ताओं और नगरवासियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे तनाव बढ़ गया। पुलिस ने तुरंत शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थाना बांसगांव के इंस्पेक्टर जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि नितिश सिंह की तहरीर पर हत्या का केस दर्ज कर लिया गया है, जबकि दूसरे पक्ष से अभी तहरीर नहीं मिली।
पुलिस और प्रशासन की सक्रियता
घटना की सूचना मिलते ही एसपी साउथ दिनेश कुमार पुरी और सीओ अनुज कुमार सिंह पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने मृतक के 14 वर्षीय पुत्र ऋत्विक भारद्वाज (हनु) और अन्य परिजनों से बातचीत कर ढांढस बंधाया। एसपी साउथ ने परिजनों को न्याय का भरोसा दिलाया तथा क्षेत्र में पुलिस चौकसी बढ़ा दी गई। वहीं, एसडीएम प्रदीप कुमार सिंह और नायब तहसीलदार जीवेंद्र कुमार त्रिपाठी ने सीएचसी का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। एसडीएम ने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
अंत्येष्टि और पारिवारिक शोक
पोस्टमार्टम के बाद शाम 4:30 बजे अग्निवेश सिंह का शव घर पहुंचा, तो परिजनों में कोहराम मच गया। पत्नी माधुरी सिंह (शिक्षामित्र), मां मंजू सिंह और अन्य महिलाएं रो-रो कर बुरा हाल हो गया अंतिम दर्शन के लिए सैकड़ों लोग उमड़े। शवयात्रा आमी नदी के धोबहा घाट पहुंची, जहां बड़े पुत्र ऋत्विक ने मुखाग्नि दी। अग्निवेश अपने पीछे पत्नी माधुरी, 14 वर्षीय ऋत्विक और 2 वर्षीय कार्तिकेय को छोड़ गए। इस हृदयविदारक घटना से बांसगांव और आसपास के क्षेत्र शोक में डूब गए।
लंबे समय से चल रहा विवाद
जानकारी के अनुसार, जलनिकासी को लेकर दोनों पक्षों में पुराना विवाद चल रहा था, जो शुक्रवार को खूनी रूप ले लिया। गोरखपुर में ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं, जहां छोटे-मोटे विवाद हिंसा में बदल जाते हैं। पुलिस ने भारी बल तैनात कर तनाव कम करने का प्रयास किया, लेकिन क्षेत्र में सतर्कता बरती जा रही है